13 फ़रवरी 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (14:26 तक), नक्षत्र मूल (16:12 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:39 पर और सूर्यास्त 17:51 पर है। राहुकाल 10:51 से 12:15 तक है।

दिन और रात
दिन 06:39 – 17:51
रात 06:38 तक
तिथि
एकादशी, 14:26 तक
द्वादशी
नक्षत्र
मूल, 16:12 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:39 – 08:03सामान्य
लाभ08:03 – 09:27शुभ
अमृत09:27 – 10:51शुभ
काल10:51 – 12:15टालें
शुभ12:15 – 13:39शुभ
रोग13:39 – 15:03टालें
उद्वेग15:03 – 16:27टालें
चर16:27 – 17:51सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:51 – 19:27टालें
काल19:27 – 21:03टालें
लाभ21:03 – 22:39शुभ
उद्वेग22:39 – 00:15टालें
शुभ00:15 – 01:50शुभ
अमृत01:50 – 03:26शुभ
चर03:26 – 05:02सामान्य
रोग05:02 – 06:38टालें

13 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 14:26 तक
कृष्ण द्वादशी 16:02, 14 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मूल 16:12 तक
पूर्वाषाढ़ा 18:16, 14 फ़र॰ तक
योग
वज्रअशुभ 03:23, 14 फ़र॰ तक
सिद्धि 03:17, 15 फ़र॰ तक
करण
बालव 14:26 तक
कौलव 03:18, 14 फ़र॰ तक
तैतिल 16:02, 14 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:39
सूर्यास्त
17:51
चंद्रोदय
03:38
चंद्रास्त
13:53
दिनमान
11h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:47
अभिजीत मुहूर्त
11:53 – 12:37

अशुभ समय

राहुकाल
10:51 – 12:15
यमगंड
15:03 – 16:27
गुलिक काल
08:03 – 09:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3907:35दिन
बुध07:3508:31दिन
चंद्र08:3109:27दिन
शनि09:2710:23दिन
गुरु10:2311:19दिन
मंगल11:1912:15दिन
सूर्य12:1513:11दिन
शुक्र13:1114:07दिन
बुध14:0715:03दिन
चंद्र15:0315:59दिन
शनि15:5916:55दिन
गुरु16:5517:51दिन
मंगल17:5118:55रात
सूर्य18:5519:59रात
शुक्र19:5921:03रात
बुध21:0322:07रात
चंद्र22:0723:11रात
शनि23:1100:15रात
गुरु00:1501:19रात
मंगल01:1902:22रात
सूर्य02:2203:26रात
शुक्र03:2604:30रात
बुध04:3005:34रात
चंद्र05:3406:38रात

अयनांश 24.2219° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।