8 अक्टूबर 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (22:16 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (21:20 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:56 पर और सूर्यास्त 17:40 पर है। राहुकाल 13:16 से 14:44 तक है।

दिन और रात
दिन 05:56 – 17:40
रात 05:57 तक
तिथि
त्रयोदशी, 22:16 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 21:20 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:56 – 07:24शुभ
रोग07:24 – 08:52टालें
उद्वेग08:52 – 10:20टालें
चर10:20 – 11:48सामान्य
लाभ11:48 – 13:16शुभ
अमृत13:16 – 14:44शुभ
काल14:44 – 16:12टालें
शुभ16:12 – 17:40शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:40 – 19:12शुभ
चर19:12 – 20:44सामान्य
रोग20:44 – 22:16टालें
काल22:16 – 23:48टालें
लाभ23:48 – 01:21शुभ
उद्वेग01:21 – 02:53टालें
शुभ02:53 – 04:25शुभ
अमृत04:25 – 05:57शुभ

8 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 22:16 तक
कृष्ण चतुर्दशी 21:36, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 21:19, 9 अक्टू॰ तक
योग
शुक्ल 00:58, 9 अक्टू॰ तक
ब्रह्म 23:21, 9 अक्टू॰ तक
करण
गर 10:44 तक
वणिज 22:16 तक
विष्टि (भद्रा) 09:53, 9 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 03:18, 9 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:56
सूर्यास्त
17:40
चंद्रोदय
03:30
चंद्रास्त
16:12
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:18 – 05:07
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:12

अशुभ समय

राहुकाल
13:16 – 14:44
यमगंड
05:56 – 07:24
गुलिक काल
08:52 – 10:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:5606:55दिन
मंगल06:5507:54दिन
सूर्य07:5408:52दिन
शुक्र08:5209:51दिन
बुध09:5110:49दिन
चंद्र10:4911:48दिन
शनि11:4812:47दिन
गुरु12:4713:45दिन
मंगल13:4514:44दिन
सूर्य14:4415:43दिन
शुक्र15:4316:41दिन
बुध16:4117:40दिन
चंद्र17:4018:41रात
शनि18:4119:43रात
गुरु19:4320:44रात
मंगल20:4421:46रात
सूर्य21:4622:47रात
शुक्र22:4723:48रात
बुध23:4800:50रात
चंद्र00:5001:51रात
शनि01:5102:53रात
गुरु02:5303:54रात
मंगल03:5404:55रात
सूर्य04:5505:57रात

अयनांश 24.2310° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।