13 दिसंबर 2026 को अयोध्या का चौघड़िया

रविवार, 13 दिसंबर 2026, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 13 दिसंबर 2026 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (16:48 तक), नक्षत्र श्रवण (09:12, 14 दिस॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:40 पर और सूर्यास्त 17:09 पर है। राहुकाल 15:51 से 17:09 तक है।

दिन और रात
दिन 06:40 – 17:09
रात 06:41 तक
तिथि
चतुर्थी, 16:48 तक
पंचमी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:40 – 07:59टालें
चर07:59 – 09:18सामान्य
लाभ09:18 – 10:36शुभ
अमृत10:36 – 11:55शुभ
काल11:55 – 13:13टालें
शुभ13:13 – 14:32शुभ
रोग14:32 – 15:51टालें
उद्वेग15:51 – 17:09टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:09 – 18:51शुभ
अमृत18:51 – 20:32शुभ
चर20:32 – 22:14सामान्य
रोग22:14 – 23:55टालें
काल23:55 – 01:37टालें
लाभ01:37 – 03:18शुभ
उद्वेग03:18 – 04:59टालें
शुभ04:59 – 06:41शुभ

13 दिसंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 16:48 तक
शुक्ल पंचमी 19:16, 14 दिस॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 09:12, 14 दिस॰ तक
योग
ध्रुव 12:14 तक
व्याघातअशुभ 13:04, 14 दिस॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 16:48 तक
बव 06:04, 14 दिस॰ तक
बालव 19:16, 14 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:40
सूर्यास्त
17:09
चंद्रोदय
09:51
चंद्रास्त
20:49
दिनमान
10h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:46
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
15:51 – 17:09
यमगंड
11:55 – 13:13
गुलिक काल
14:32 – 15:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:4007:33दिन
शुक्र07:3308:25दिन
बुध08:2509:18दिन
चंद्र09:1810:10दिन
शनि10:1011:02दिन
गुरु11:0211:55दिन
मंगल11:5512:47दिन
सूर्य12:4713:40दिन
शुक्र13:4014:32दिन
बुध14:3215:24दिन
चंद्र15:2416:17दिन
शनि16:1717:09दिन
गुरु17:0918:17रात
मंगल18:1719:24रात
सूर्य19:2420:32रात
शुक्र20:3221:40रात
बुध21:4022:47रात
चंद्र22:4723:55रात
शनि23:5501:03रात
गुरु01:0302:10रात
मंगल02:1003:18रात
सूर्य03:1804:26रात
शुक्र04:2605:33रात
बुध05:3306:41रात

अयनांश 24.2335° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।