7 जनवरी 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

गुरुवार, 7 जनवरी 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 7 जनवरी 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (01:54, 8 जन॰ तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (09:13, 8 जन॰ तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:51 पर और सूर्यास्त 17:23 पर है। राहुकाल 13:26 से 14:45 तक है।

दिन और रात
दिन 06:51 – 17:23
रात 06:51 तक
तिथि
अमावस्या, 01:54 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:51 – 08:10शुभ
रोग08:10 – 09:29टालें
उद्वेग09:29 – 10:48टालें
चर10:48 – 12:07सामान्य
लाभ12:07 – 13:26शुभ
अमृत13:26 – 14:45शुभ
काल14:45 – 16:04टालें
शुभ16:04 – 17:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:23 – 19:04शुभ
चर19:04 – 20:45सामान्य
रोग20:45 – 22:26टालें
काल22:26 – 00:07टालें
लाभ00:07 – 01:48शुभ
उद्वेग01:48 – 03:29टालें
शुभ03:29 – 05:10शुभ
अमृत05:10 – 06:51शुभ

7 जनवरी 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
अमावस्या 01:54, 8 जन॰ तक
शुक्ल प्रतिपदा 04:34, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 09:13, 8 जन॰ तक
योग
ध्रुव 14:26 तक
व्याघातअशुभ 15:22, 8 जन॰ तक
करण
चतुष्पद 12:34 तक
नाग 01:54, 8 जन॰ तक
किंस्तुघ्न 15:14, 8 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:51
सूर्यास्त
17:23
चंद्रोदय
06:29
चंद्रास्त
16:53
दिनमान
10h 32m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:03 – 05:57
अभिजीत मुहूर्त
11:46 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
13:26 – 14:45
यमगंड
06:51 – 08:10
गुलिक काल
09:29 – 10:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5107:43दिन
मंगल07:4308:36दिन
सूर्य08:3609:29दिन
शुक्र09:2910:21दिन
बुध10:2111:14दिन
चंद्र11:1412:07दिन
शनि12:0713:00दिन
गुरु13:0013:52दिन
मंगल13:5214:45दिन
सूर्य14:4515:38दिन
शुक्र15:3816:30दिन
बुध16:3017:23दिन
चंद्र17:2318:30रात
शनि18:3019:38रात
गुरु19:3820:45रात
मंगल20:4521:52रात
सूर्य21:5223:00रात
शुक्र23:0000:07रात
बुध00:0701:14रात
चंद्र01:1402:22रात
शनि02:2203:29रात
गुरु03:2904:36रात
मंगल04:3605:43रात
सूर्य05:4306:51रात

अयनांश 24.2345° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।