9 मार्च 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

मंगलवार, 9 मार्च 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 9 मार्च 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (15:41 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (09:58 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 06:17 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 15:09 से 16:37 तक है।

दिन और रात
दिन 06:17 – 18:06
रात 06:16 तक
तिथि
प्रतिपदा, 15:41 तक
द्वितीया
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:17 – 07:46टालें
उद्वेग07:46 – 09:14टालें
चर09:14 – 10:43सामान्य
लाभ10:43 – 12:12शुभ
अमृत12:12 – 13:40शुभ
काल13:40 – 15:09टालें
शुभ15:09 – 16:37शुभ
रोग16:37 – 18:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:06 – 19:37टालें
लाभ19:37 – 21:08शुभ
उद्वेग21:08 – 22:40टालें
शुभ22:40 – 00:11शुभ
अमृत00:11 – 01:42शुभ
चर01:42 – 03:14सामान्य
रोग03:14 – 04:45टालें
काल04:45 – 06:16टालें

9 मार्च 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 15:41 तक
शुक्ल द्वितीया 15:53, 10 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 10:52, 10 मार्च तक
योग
शुभ 01:58, 10 मार्च तक
शुक्ल 00:50, 11 मार्च तक
करण
बव 15:41 तक
बालव 03:50, 10 मार्च तक
कौलव 15:53, 10 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:17
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
06:33
चंद्रास्त
19:04
दिनमान
11h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:40 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
15:09 – 16:37
यमगंड
09:14 – 10:43
गुलिक काल
12:12 – 13:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:1707:16दिन
सूर्य07:1608:15दिन
शुक्र08:1509:14दिन
बुध09:1410:13दिन
चंद्र10:1311:12दिन
शनि11:1212:12दिन
गुरु12:1213:11दिन
मंगल13:1114:10दिन
सूर्य14:1015:09दिन
शुक्र15:0916:08दिन
बुध16:0817:07दिन
चंद्र17:0718:06दिन
शनि18:0619:07रात
गुरु19:0720:08रात
मंगल20:0821:08रात
सूर्य21:0822:09रात
शुक्र22:0923:10रात
बुध23:1000:11रात
चंद्र00:1101:12रात
शनि01:1202:13रात
गुरु02:1303:14रात
मंगल03:1404:14रात
सूर्य04:1405:15रात
शुक्र05:1506:16रात

अयनांश 24.2368° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।