30 नवंबर 2027 को अयोध्या का चौघड़िया

मंगलवार, 30 नवंबर 2027, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 30 नवंबर 2027 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (10:08 तक), नक्षत्र मूल (21:29 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 17:07 पर है। राहुकाल 14:28 से 15:48 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 17:07
रात 06:32 तक
तिथि
द्वितीया, 10:08 तक
तृतीया
नक्षत्र
मूल, 21:29 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:31 – 07:51टालें
उद्वेग07:51 – 09:10टालें
चर09:10 – 10:30सामान्य
लाभ10:30 – 11:49शुभ
अमृत11:49 – 13:09शुभ
काल13:09 – 14:28टालें
शुभ14:28 – 15:48शुभ
रोग15:48 – 17:07टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:07 – 18:48टालें
लाभ18:48 – 20:28शुभ
उद्वेग20:28 – 22:09टालें
शुभ22:09 – 23:49शुभ
अमृत23:49 – 01:30शुभ
चर01:30 – 03:11सामान्य
रोग03:11 – 04:51टालें
काल04:51 – 06:32टालें

30 नवंबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 10:08 तक
शुक्ल तृतीया 11:39, 1 दिस॰ तक
नक्षत्र
मूल 21:29 तक
पूर्वाषाढ़ा 23:45, 1 दिस॰ तक
योग
शूलअशुभ 02:22, 1 दिस॰ तक
गंडअशुभ 02:41, 2 दिस॰ तक
करण
कौलव 10:08 तक
तैतिल 22:49 तक
गर 11:39, 1 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
17:07
चंद्रोदय
08:28
चंद्रास्त
18:55
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:37
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
14:28 – 15:48
यमगंड
09:10 – 10:30
गुलिक काल
11:49 – 13:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3107:24दिन
सूर्य07:2408:17दिन
शुक्र08:1709:10दिन
बुध09:1010:03दिन
चंद्र10:0310:56दिन
शनि10:5611:49दिन
गुरु11:4912:42दिन
मंगल12:4213:35दिन
सूर्य13:3514:28दिन
शुक्र14:2815:21दिन
बुध15:2116:14दिन
चंद्र16:1417:07दिन
शनि17:0718:14रात
गुरु18:1419:21रात
मंगल19:2120:28रात
सूर्य20:2821:35रात
शुक्र21:3522:42रात
बुध22:4223:49रात
चंद्र23:4900:57रात
शनि00:5702:04रात
गुरु02:0403:11रात
मंगल03:1104:18रात
सूर्य04:1805:25रात
शुक्र05:2506:32रात

अयनांश 24.2470° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।