31 जनवरी 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

सोमवार, 31 जनवरी 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 31 जनवरी 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (07:15 तक), नक्षत्र उत्तरा भाद्रपद (07:42, 1 फ़र॰ तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 17:42 पर है। राहुकाल 08:09 से 09:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 17:42
रात 06:46 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:47 – 08:09शुभ
काल08:09 – 09:30टालें
शुभ09:30 – 10:52शुभ
रोग10:52 – 12:14टालें
उद्वेग12:14 – 13:36टालें
चर13:36 – 14:58सामान्य
लाभ14:58 – 16:20शुभ
अमृत16:20 – 17:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:42 – 19:20सामान्य
रोग19:20 – 20:58टालें
काल20:58 – 22:36टालें
लाभ22:36 – 00:14शुभ
उद्वेग00:14 – 01:52टालें
शुभ01:52 – 03:30शुभ
अमृत03:30 – 05:08शुभ
चर05:08 – 06:46सामान्य

31 जनवरी 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 07:15 तक
शुक्ल पंचमी 09:28, 1 फ़र॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 07:42, 1 फ़र॰ तक
योग
शिव 17:57 तक
सिद्ध 18:24, 1 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:15 तक
बव 20:24 तक
बालव 09:28, 1 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
17:42
चंद्रोदय
09:05
चंद्रास्त
21:46
दिनमान
10h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:36

अशुभ समय

राहुकाल
08:09 – 09:30
यमगंड
10:52 – 12:14
गुलिक काल
13:36 – 14:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4707:41दिन
शनि07:4108:36दिन
गुरु08:3609:30दिन
मंगल09:3010:25दिन
सूर्य10:2511:20दिन
शुक्र11:2012:14दिन
बुध12:1413:09दिन
चंद्र13:0914:03दिन
शनि14:0314:58दिन
गुरु14:5815:52दिन
मंगल15:5216:47दिन
सूर्य16:4717:42दिन
शुक्र17:4218:47रात
बुध18:4719:52रात
चंद्र19:5220:58रात
शनि20:5822:03रात
गुरु22:0323:09रात
मंगल23:0900:14रात
सूर्य00:1401:19रात
शुक्र01:1902:25रात
बुध02:2503:30रात
चंद्र03:3004:36रात
शनि04:3605:41रात
गुरु05:4106:46रात

अयनांश 24.2493° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।