9 अगस्त 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

बुधवार, 9 अगस्त 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 9 अगस्त 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (22:56 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (06:39 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:30 पर और सूर्यास्त 18:42 पर है। राहुकाल 12:06 से 13:45 तक है।

दिन और रात
दिन 05:30 – 18:42
रात 05:30 तक
तिथि
चतुर्थी, 22:56 तक
पंचमी
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:30 – 07:09शुभ
अमृत07:09 – 08:48शुभ
काल08:48 – 10:27टालें
शुभ10:27 – 12:06शुभ
रोग12:06 – 13:45टालें
उद्वेग13:45 – 15:24टालें
चर15:24 – 17:03सामान्य
लाभ17:03 – 18:42शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:42 – 20:03टालें
शुभ20:03 – 21:24शुभ
अमृत21:24 – 22:45शुभ
चर22:45 – 00:06सामान्य
रोग00:06 – 01:27टालें
काल01:27 – 02:48टालें
लाभ02:48 – 04:09शुभ
उद्वेग04:09 – 05:30टालें

9 अगस्त 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 22:56 तक
कृष्ण पंचमी 01:13, 11 अग॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 09:37, 10 अग॰ तक
योग
सुकर्मा 20:16 तक
धृति 21:09, 10 अग॰ तक
करण
बव 09:43 तक
बालव 22:56 तक
कौलव 12:06, 10 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:30
सूर्यास्त
18:42
चंद्रोदय
20:42
चंद्रास्त
08:43
दिनमान
13h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:32 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:06 – 13:45
यमगंड
07:09 – 08:48
गुलिक काल
10:27 – 12:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3006:36दिन
चंद्र06:3607:42दिन
शनि07:4208:48दिन
गुरु08:4809:54दिन
मंगल09:5411:00दिन
सूर्य11:0012:06दिन
शुक्र12:0613:12दिन
बुध13:1214:18दिन
चंद्र14:1815:24दिन
शनि15:2416:30दिन
गुरु16:3017:36दिन
मंगल17:3618:42दिन
सूर्य18:4219:36रात
शुक्र19:3620:30रात
बुध20:3021:24रात
चंद्र21:2422:18रात
शनि22:1823:12रात
गुरु23:1200:06रात
मंगल00:0601:00रात
सूर्य01:0001:54रात
शुक्र01:5402:48रात
बुध02:4803:42रात
चंद्र03:4204:36रात
शनि04:3605:30रात

अयनांश 24.2566° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।