23 दिसंबर 2028 को अयोध्या का चौघड़िया

शनिवार, 23 दिसंबर 2028, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 23 दिसंबर 2028 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (13:58 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (17:07 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 06:46 पर और सूर्यास्त 17:14 पर है। राहुकाल 09:23 से 10:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:46 – 17:14
रात 06:47 तक
तिथि
सप्तमी, 13:58 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 17:07 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:46 – 08:05टालें
शुभ08:05 – 09:23शुभ
रोग09:23 – 10:41टालें
उद्वेग10:41 – 12:00टालें
चर12:00 – 13:18सामान्य
लाभ13:18 – 14:37शुभ
अमृत14:37 – 15:55शुभ
काल15:55 – 17:14टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:14 – 18:55शुभ
उद्वेग18:55 – 20:37टालें
शुभ20:37 – 22:19शुभ
अमृत22:19 – 00:00शुभ
चर00:00 – 01:42सामान्य
रोग01:42 – 03:23टालें
काल03:23 – 05:05टालें
लाभ05:05 – 06:47शुभ

23 दिसंबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 13:58 तक
शुक्ल अष्टमी 16:30, 24 दिस॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 20:04, 24 दिस॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 03:13, 24 दिस॰ तक
वरीयान 04:01, 25 दिस॰ तक
करण
वणिज 13:58 तक
विष्टि (भद्रा) 03:14, 24 दिस॰ तक
बव 16:30, 24 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 10:23 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:46
सूर्यास्त
17:14
चंद्रोदय
11:20
चंद्रास्त
23:55
दिनमान
10h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:58 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
09:23 – 10:41
यमगंड
13:18 – 14:37
गुलिक काल
06:46 – 08:05

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4607:38दिन
गुरु07:3808:31दिन
मंगल08:3109:23दिन
सूर्य09:2310:15दिन
शुक्र10:1511:08दिन
बुध11:0812:00दिन
चंद्र12:0012:52दिन
शनि12:5213:45दिन
गुरु13:4514:37दिन
मंगल14:3715:29दिन
सूर्य15:2916:21दिन
शुक्र16:2117:14दिन
बुध17:1418:21रात
चंद्र18:2119:29रात
शनि19:2920:37रात
गुरु20:3721:45रात
मंगल21:4522:52रात
सूर्य22:5200:00रात
शुक्र00:0001:08रात
बुध01:0802:16रात
चंद्र02:1603:23रात
शनि03:2304:31रात
गुरु04:3105:39रात
मंगल05:3906:47रात

अयनांश 24.2618° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।