8 मई 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

मंगलवार, 8 मई 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 8 मई 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (07:40 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (03:28, 9 मई तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:18 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 15:17 से 16:57 तक है।

दिन और रात
दिन 05:18 – 18:37
रात 05:17 तक
तिथि
एकादशी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 03:28 तक
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 मई 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:18 – 06:57टालें
उद्वेग06:57 – 08:37टालें
चर08:37 – 10:17सामान्य
लाभ10:17 – 11:57शुभ
अमृत11:57 – 13:37शुभ
काल13:37 – 15:17टालें
शुभ15:17 – 16:57शुभ
रोग16:57 – 18:37टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:37 – 19:57टालें
लाभ19:57 – 21:17शुभ
उद्वेग21:17 – 22:37टालें
शुभ22:37 – 23:57शुभ
अमृत23:57 – 01:17शुभ
चर01:17 – 02:37सामान्य
रोग02:37 – 03:57टालें
काल03:57 – 05:17टालें

8 मई 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण दशमी 07:40 तक
कृष्ण एकादशी 10:02, 9 मई तक
नक्षत्र
योग
इंद्र 07:00 तक
वैधृतिअशुभ 07:52, 9 मई तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:40 तक
बव 20:50 तक
बालव 10:02, 9 मई तक
चंद्र राशि
कुंभ 20:44 तक
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:18
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
01:57
चंद्रास्त
14:16
दिनमान
13h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:35
अभिजीत मुहूर्त
11:31 – 12:24

अशुभ समय

राहुकाल
15:17 – 16:57
यमगंड
08:37 – 10:17
गुलिक काल
11:57 – 13:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:1806:24दिन
सूर्य06:2407:31दिन
शुक्र07:3108:37दिन
बुध08:3709:44दिन
चंद्र09:4410:51दिन
शनि10:5111:57दिन
गुरु11:5713:04दिन
मंगल13:0414:11दिन
सूर्य14:1115:17दिन
शुक्र15:1716:24दिन
बुध16:2417:31दिन
चंद्र17:3118:37दिन
शनि18:3719:31रात
गुरु19:3120:24रात
मंगल20:2421:17रात
सूर्य21:1722:10रात
शुक्र22:1023:04रात
बुध23:0423:57रात
चंद्र23:5700:50रात
शनि00:5001:44रात
गुरु01:4402:37रात
मंगल02:3703:30रात
सूर्य03:3004:24रात
शुक्र04:2405:17रात

अयनांश 24.2670° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।