8 सितंबर 2029 को अयोध्या का चौघड़िया

शनिवार, 8 सितंबर 2029, अयोध्या, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 8 सितंबर 2029 को अयोध्या में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (16:14 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (00:07, 9 सित॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:43 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 08:51 से 10:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:43 – 18:13
रात 05:44 तक
तिथि
अमावस्या, 16:14 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 00:07 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:43 – 07:17टालें
शुभ07:17 – 08:51शुभ
रोग08:51 – 10:24टालें
उद्वेग10:24 – 11:58टालें
चर11:58 – 13:32सामान्य
लाभ13:32 – 15:06शुभ
अमृत15:06 – 16:39शुभ
काल16:39 – 18:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:13 – 19:39शुभ
उद्वेग19:39 – 21:06टालें
शुभ21:06 – 22:32शुभ
अमृत22:32 – 23:58शुभ
चर23:58 – 01:25सामान्य
रोग01:25 – 02:51टालें
काल02:51 – 04:17टालें
लाभ04:17 – 05:44शुभ

8 सितंबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
अमावस्या 16:14 तक
शुक्ल प्रतिपदा 12:57, 9 सित॰ तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी 00:07, 9 सित॰ तक
उत्तरा फाल्गुनी 21:34, 9 सित॰ तक
योग
सिद्ध 10:45 तक
साध्य 07:00, 9 सित॰ तक
करण
चतुष्पद 05:46 तक
नाग 16:14 तक
किंस्तुघ्न 02:37, 9 सित॰ तक
बव 12:57, 9 सित॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 05:30, 9 सित॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:43
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
05:21
चंद्रास्त
17:55
दिनमान
12h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:11 – 04:57
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:23

अशुभ समय

राहुकाल
08:51 – 10:24
यमगंड
13:32 – 15:06
गुलिक काल
05:43 – 07:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:4306:46दिन
गुरु06:4607:48दिन
मंगल07:4808:51दिन
सूर्य08:5109:53दिन
शुक्र09:5310:56दिन
बुध10:5611:58दिन
चंद्र11:5813:01दिन
शनि13:0114:03दिन
गुरु14:0315:06दिन
मंगल15:0616:08दिन
सूर्य16:0817:11दिन
शुक्र17:1118:13दिन
बुध18:1319:11रात
चंद्र19:1120:08रात
शनि20:0821:06रात
गुरु21:0622:03रात
मंगल22:0323:01रात
सूर्य23:0123:58रात
शुक्र23:5800:56रात
बुध00:5601:53रात
चंद्र01:5302:51रात
शनि02:5103:49रात
गुरु03:4904:46रात
मंगल04:4605:44रात

अयनांश 24.2717° (लाहिड़ी)। समय अयोध्या (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।