9 नवंबर 2029 को बहरमपुर का चौघड़िया

शुक्रवार, 9 नवंबर 2029, बहरमपुर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 9 नवंबर 2029 को बहरमपुर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (21:03 तक), नक्षत्र मूल (00:35, 10 नव॰ तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 16:53 पर है। राहुकाल 09:57 से 11:20 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 16:53
रात 05:48 तक
तिथि
चतुर्थी, 21:03 तक
पंचमी
नक्षत्र
मूल, 00:35 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:48 – 07:11सामान्य
लाभ07:11 – 08:34शुभ
अमृत08:34 – 09:57शुभ
काल09:57 – 11:20टालें
शुभ11:20 – 12:43शुभ
रोग12:43 – 14:06टालें
उद्वेग14:06 – 15:30टालें
चर15:30 – 16:53सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:53 – 18:30टालें
काल18:30 – 20:07टालें
लाभ20:07 – 21:44शुभ
उद्वेग21:44 – 23:21टालें
शुभ23:21 – 00:57शुभ
अमृत00:57 – 02:34शुभ
चर02:34 – 04:11सामान्य
रोग04:11 – 05:48टालें

9 नवंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 21:03 तक
शुक्ल पंचमी 19:14, 10 नव॰ तक
नक्षत्र
मूल 00:35, 10 नव॰ तक
पूर्वाषाढ़ा 23:36, 10 नव॰ तक
योग
सुकर्मा 19:14 तक
धृति 16:31, 10 नव॰ तक
करण
वणिज 10:13 तक
विष्टि (भद्रा) 21:03 तक
बव 08:03, 10 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
16:53
चंद्रोदय
09:00
चंद्रास्त
19:58
दिनमान
11h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:04 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
10:58 – 11:42

अशुभ समय

राहुकाल
09:57 – 11:20
यमगंड
14:06 – 15:30
गुलिक काल
07:11 – 08:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:4806:43दिन
बुध06:4307:38दिन
चंद्र07:3808:34दिन
शनि08:3409:29दिन
गुरु09:2910:25दिन
मंगल10:2511:20दिन
सूर्य11:2012:16दिन
शुक्र12:1613:11दिन
बुध13:1114:06दिन
चंद्र14:0615:02दिन
शनि15:0215:57दिन
गुरु15:5716:53दिन
मंगल16:5317:57रात
सूर्य17:5719:02रात
शुक्र19:0220:07रात
बुध20:0721:11रात
चंद्र21:1122:16रात
शनि22:1623:21रात
गुरु23:2100:25रात
मंगल00:2501:30रात
सूर्य01:3002:34रात
शुक्र02:3403:39रात
बुध03:3904:44रात
चंद्र04:4405:48रात

अयनांश 24.2741° (लाहिड़ी)। समय बहरमपुर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।