8 मार्च 2025 को बर्धमान का चौघड़िया

शनिवार, 8 मार्च 2025, बर्धमान, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 8 मार्च 2025 को बर्धमान में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (08:17 तक), नक्षत्र आर्द्रा (23:28 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 08:51 से 10:20 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 17:44
रात 05:53 तक
तिथि
दशमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 23:28 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:54 – 07:22टालें
शुभ07:22 – 08:51शुभ
रोग08:51 – 10:20टालें
उद्वेग10:20 – 11:49टालें
चर11:49 – 13:18सामान्य
लाभ13:18 – 14:47शुभ
अमृत14:47 – 16:15शुभ
काल16:15 – 17:44टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:44 – 19:15शुभ
उद्वेग19:15 – 20:46टालें
शुभ20:46 – 22:17शुभ
अमृत22:17 – 23:49शुभ
चर23:49 – 01:20सामान्य
रोग01:20 – 02:51टालें
काल02:51 – 04:22टालें
लाभ04:22 – 05:53शुभ

8 मार्च 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल नवमी 08:17 तक
शुक्ल दशमी 07:45, 9 मार्च तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 23:55, 9 मार्च तक
योग
आयुष्मान 16:24 तक
सौभाग्य 14:58, 9 मार्च तक
करण
कौलव 08:17 तक
तैतिल 19:57 तक
गर 07:45, 9 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
12:16
चंद्रास्त
01:38
दिनमान
11h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:16 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
08:51 – 10:20
यमगंड
13:18 – 14:47
गुलिक काल
05:54 – 07:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5406:53दिन
गुरु06:5307:52दिन
मंगल07:5208:51दिन
सूर्य08:5109:51दिन
शुक्र09:5110:50दिन
बुध10:5011:49दिन
चंद्र11:4912:48दिन
शनि12:4813:47दिन
गुरु13:4714:47दिन
मंगल14:4715:46दिन
सूर्य15:4616:45दिन
शुक्र16:4517:44दिन
बुध17:4418:45रात
चंद्र18:4519:46रात
शनि19:4620:46रात
गुरु20:4621:47रात
मंगल21:4722:48रात
सूर्य22:4823:49रात
शुक्र23:4900:49रात
बुध00:4901:50रात
चंद्र01:5002:51रात
शनि02:5103:51रात
गुरु03:5104:52रात
मंगल04:5205:53रात

अयनांश 24.2088° (लाहिड़ी)। समय बर्धमान (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।