8 जनवरी 2026 को बर्धमान का चौघड़िया

गुरुवार, 8 जनवरी 2026, बर्धमान, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 8 जनवरी 2026 को बर्धमान में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (06:34 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (12:24 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 17:08 पर है। राहुकाल 13:06 से 14:27 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 17:08
रात 06:21 तक
तिथि
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 12:24 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:21 – 07:42शुभ
रोग07:42 – 09:03टालें
उद्वेग09:03 – 10:24टालें
चर10:24 – 11:45सामान्य
लाभ11:45 – 13:06शुभ
अमृत13:06 – 14:27शुभ
काल14:27 – 15:47टालें
शुभ15:47 – 17:08शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:08 – 18:47शुभ
चर18:47 – 20:27सामान्य
रोग20:27 – 22:06टालें
काल22:06 – 23:45टालें
लाभ23:45 – 01:24शुभ
उद्वेग01:24 – 03:03टालें
शुभ03:03 – 04:42शुभ
अमृत04:42 – 06:21शुभ

8 जनवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 06:34 तक
कृष्ण षष्ठी 07:05, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
सौभाग्य 17:25 तक
शोभन 16:55, 9 जन॰ तक
करण
तैतिल 06:34 तक
गर 18:43 तक
वणिज 07:05, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 18:39 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
17:08
चंद्रोदय
22:08
चंद्रास्त
09:53
दिनमान
10h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
13:06 – 14:27
यमगंड
06:21 – 07:42
गुलिक काल
09:03 – 10:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2107:15दिन
मंगल07:1508:09दिन
सूर्य08:0909:03दिन
शुक्र09:0309:57दिन
बुध09:5710:51दिन
चंद्र10:5111:45दिन
शनि11:4512:39दिन
गुरु12:3913:33दिन
मंगल13:3314:27दिन
सूर्य14:2715:20दिन
शुक्र15:2016:14दिन
बुध16:1417:08दिन
चंद्र17:0818:14रात
शनि18:1419:20रात
गुरु19:2020:27रात
मंगल20:2721:33रात
सूर्य21:3322:39रात
शुक्र22:3923:45रात
बुध23:4500:51रात
चंद्र00:5101:57रात
शनि01:5703:03रात
गुरु03:0304:09रात
मंगल04:0905:15रात
सूर्य05:1506:21रात

अयनांश 24.2205° (लाहिड़ी)। समय बर्धमान (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।