1 मार्च 2025 को बरेली का चौघड़िया

शनिवार, 1 मार्च 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 1 मार्च 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (00:09, 2 मार्च तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (11:22 तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:37 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 09:30 से 10:57 तक है।

दिन और रात
दिन 06:37 – 18:12
रात 06:36 तक
तिथि
द्वितीया, 00:09 तक
तृतीया
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 11:22 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:37 – 08:04टालें
शुभ08:04 – 09:30शुभ
रोग09:30 – 10:57टालें
उद्वेग10:57 – 12:24टालें
चर12:24 – 13:51सामान्य
लाभ13:51 – 15:18शुभ
अमृत15:18 – 16:45शुभ
काल16:45 – 18:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:12 – 19:45शुभ
उद्वेग19:45 – 21:18टालें
शुभ21:18 – 22:51शुभ
अमृत22:51 – 00:24शुभ
चर00:24 – 01:57सामान्य
रोग01:57 – 03:30टालें
काल03:30 – 05:03टालें
लाभ05:03 – 06:36शुभ

1 मार्च 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 00:09, 2 मार्च तक
शुक्ल तृतीया 21:02, 2 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 08:59, 2 मार्च तक
योग
साध्य 16:24 तक
शुभ 12:39, 2 मार्च तक
करण
बालव 13:43 तक
कौलव 00:09, 2 मार्च तक
तैतिल 10:35, 2 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:37
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
07:23
चंद्रास्त
19:45
दिनमान
11h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:47
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
09:30 – 10:57
यमगंड
13:51 – 15:18
गुलिक काल
06:37 – 08:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3707:35दिन
गुरु07:3508:33दिन
मंगल08:3309:30दिन
सूर्य09:3010:28दिन
शुक्र10:2811:26दिन
बुध11:2612:24दिन
चंद्र12:2413:22दिन
शनि13:2214:20दिन
गुरु14:2015:18दिन
मंगल15:1816:16दिन
सूर्य16:1617:14दिन
शुक्र17:1418:12दिन
बुध18:1219:14रात
चंद्र19:1420:16रात
शनि20:1621:18रात
गुरु21:1822:20रात
मंगल22:2023:22रात
सूर्य23:2200:24रात
शुक्र00:2401:26रात
बुध01:2602:28रात
चंद्र02:2803:30रात
शनि03:3004:32रात
गुरु04:3205:34रात
मंगल05:3406:36रात

अयनांश 24.2086° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।