20 दिसंबर 2025 को बरेली का चौघड़िया

शनिवार, 20 दिसंबर 2025, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 20 दिसंबर 2025 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (07:13 तक), नक्षत्र मूल (01:21, 21 दिस॰ तक) और योग गंड है। सूर्योदय 06:59 पर और सूर्यास्त 17:20 पर है। राहुकाल 09:34 से 10:52 तक है।

दिन और रात
दिन 06:59 – 17:20
रात 07:00 तक
तिथि
प्रतिपदा
नक्षत्र
मूल, 01:21 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:59 – 08:17टालें
शुभ08:17 – 09:34शुभ
रोग09:34 – 10:52टालें
उद्वेग10:52 – 12:09टालें
चर12:09 – 13:27सामान्य
लाभ13:27 – 14:44शुभ
अमृत14:44 – 16:02शुभ
काल16:02 – 17:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:20 – 19:02शुभ
उद्वेग19:02 – 20:45टालें
शुभ20:45 – 22:27शुभ
अमृत22:27 – 00:10शुभ
चर00:10 – 01:52सामान्य
रोग01:52 – 03:35टालें
काल03:35 – 05:17टालें
लाभ05:17 – 07:00शुभ

20 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
अमावस्या 07:13 तक
शुक्ल प्रतिपदा 09:11, 21 दिस॰ तक
नक्षत्र
मूल 01:21, 21 दिस॰ तक
पूर्वाषाढ़ा 03:36, 22 दिस॰ तक
योग
गंडअशुभ 16:17 तक
वृद्धि 16:35, 21 दिस॰ तक
करण
नाग 07:13 तक
किंस्तुघ्न 20:14 तक
बव 09:11, 21 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:59
सूर्यास्त
17:20
चंद्रोदय
07:17
चंद्रास्त
17:23
दिनमान
10h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 06:04
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
09:34 – 10:52
यमगंड
13:27 – 14:44
गुलिक काल
06:59 – 08:17

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:5907:51दिन
गुरु07:5108:43दिन
मंगल08:4309:34दिन
सूर्य09:3410:26दिन
शुक्र10:2611:18दिन
बुध11:1812:09दिन
चंद्र12:0913:01दिन
शनि13:0113:53दिन
गुरु13:5314:44दिन
मंगल14:4415:36दिन
सूर्य15:3616:28दिन
शुक्र16:2817:20दिन
बुध17:2018:28रात
चंद्र18:2819:36रात
शनि19:3620:45रात
गुरु20:4521:53रात
मंगल21:5323:01रात
सूर्य23:0100:10रात
शुक्र00:1001:18रात
बुध01:1802:26रात
चंद्र02:2603:35रात
शनि03:3504:43रात
गुरु04:4305:51रात
मंगल05:5107:00रात

अयनांश 24.2198° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।