2 मार्च 2027 को बरेली का चौघड़िया

मंगलवार, 2 मार्च 2027, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 2 मार्च 2027 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (04:44, 3 मार्च तक), नक्षत्र मूल (19:27 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 15:18 से 16:45 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 18:12
रात 06:35 तक
तिथि
दशमी, 04:44 तक
एकादशी
नक्षत्र
मूल, 19:27 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:36 – 08:03टालें
उद्वेग08:03 – 09:30टालें
चर09:30 – 10:57सामान्य
लाभ10:57 – 12:24शुभ
अमृत12:24 – 13:51शुभ
काल13:51 – 15:18टालें
शुभ15:18 – 16:45शुभ
रोग16:45 – 18:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:12 – 19:45टालें
लाभ19:45 – 21:18शुभ
उद्वेग21:18 – 22:51टालें
शुभ22:51 – 00:24शुभ
अमृत00:24 – 01:57शुभ
चर01:57 – 03:29सामान्य
रोग03:29 – 05:02टालें
काल05:02 – 06:35टालें

2 मार्च 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण दशमी 04:44, 3 मार्च तक
कृष्ण एकादशी 07:24, 4 मार्च तक
नक्षत्र
मूल 19:27 तक
पूर्वाषाढ़ा 22:34, 3 मार्च तक
योग
सिद्धि 00:07, 3 मार्च तक
व्यतीपातअशुभ 01:06, 4 मार्च तक
करण
वणिज 15:24 तक
विष्टि (भद्रा) 04:44, 3 मार्च तक
बव 18:05, 3 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
02:37
चंद्रास्त
12:47
दिनमान
11h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:57 – 05:47
अभिजीत मुहूर्त
12:01 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
15:18 – 16:45
यमगंड
09:30 – 10:57
गुलिक काल
12:24 – 13:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3607:34दिन
सूर्य07:3408:32दिन
शुक्र08:3209:30दिन
बुध09:3010:28दिन
चंद्र10:2811:26दिन
शनि11:2612:24दिन
गुरु12:2413:22दिन
मंगल13:2214:20दिन
सूर्य14:2015:18दिन
शुक्र15:1816:16दिन
बुध16:1617:14दिन
चंद्र17:1418:12दिन
शनि18:1219:14रात
गुरु19:1420:16रात
मंगल20:1621:18रात
सूर्य21:1822:20रात
शुक्र22:2023:22रात
बुध23:2200:24रात
चंद्र00:2401:26रात
शनि01:2602:27रात
गुरु02:2703:29रात
मंगल03:2904:31रात
सूर्य04:3105:33रात
शुक्र05:3306:35रात

अयनांश 24.2365° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।