30 मार्च 2027 को बरेली का चौघड़िया

मंगलवार, 30 मार्च 2027, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 30 मार्च 2027 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (19:40 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (06:21, 31 मार्च तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:05 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है। राहुकाल 15:22 से 16:55 तक है।

दिन और रात
दिन 06:05 – 18:28
रात 06:04 तक
तिथि
अष्टमी, 19:40 तक
नवमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:05 – 07:38टालें
उद्वेग07:38 – 09:11टालें
चर09:11 – 10:44सामान्य
लाभ10:44 – 12:17शुभ
अमृत12:17 – 13:50शुभ
काल13:50 – 15:22टालें
शुभ15:22 – 16:55शुभ
रोग16:55 – 18:28टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:28 – 19:55टालें
लाभ19:55 – 21:22शुभ
उद्वेग21:22 – 22:49टालें
शुभ22:49 – 00:16शुभ
अमृत00:16 – 01:43शुभ
चर01:43 – 03:10सामान्य
रोग03:10 – 04:37टालें
काल04:37 – 06:04टालें

30 मार्च 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 19:40 तक
कृष्ण नवमी 22:16, 31 मार्च तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा 06:21, 31 मार्च तक
योग
वरीयान 06:54 तक
परिघअशुभ 07:53, 31 मार्च तक
करण
बालव 06:23 तक
कौलव 19:40 तक
तैतिल 08:58, 31 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:05
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
01:17
चंद्रास्त
11:32
दिनमान
12h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
11:52 – 12:41

अशुभ समय

राहुकाल
15:22 – 16:55
यमगंड
09:11 – 10:44
गुलिक काल
12:17 – 13:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:0507:07दिन
सूर्य07:0708:09दिन
शुक्र08:0909:11दिन
बुध09:1110:13दिन
चंद्र10:1311:15दिन
शनि11:1512:17दिन
गुरु12:1713:19दिन
मंगल13:1914:20दिन
सूर्य14:2015:22दिन
शुक्र15:2216:24दिन
बुध16:2417:26दिन
चंद्र17:2618:28दिन
शनि18:2819:26रात
गुरु19:2620:24रात
मंगल20:2421:22रात
सूर्य21:2222:20रात
शुक्र22:2023:18रात
बुध23:1800:16रात
चंद्र00:1601:14रात
शनि01:1402:12रात
गुरु02:1203:10रात
मंगल03:1004:08रात
सूर्य04:0805:06रात
शुक्र05:0606:04रात

अयनांश 24.2376° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।