5 अप्रैल 2027 को बरेली का चौघड़िया

सोमवार, 5 अप्रैल 2027, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 5 अप्रैल 2027 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (05:40, 6 अप्रैल तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (17:47 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 07:32 से 09:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 18:32
रात 05:57 तक
तिथि
चतुर्दशी, 05:40 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 17:47 तक
उत्तरा भाद्रपद
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:58 – 07:32शुभ
काल07:32 – 09:06टालें
शुभ09:06 – 10:41शुभ
रोग10:41 – 12:15टालें
उद्वेग12:15 – 13:49टालें
चर13:49 – 15:23सामान्य
लाभ15:23 – 16:57शुभ
अमृत16:57 – 18:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:32 – 19:57सामान्य
रोग19:57 – 21:23टालें
काल21:23 – 22:49टालें
लाभ22:49 – 00:14शुभ
उद्वेग00:14 – 01:40टालें
शुभ01:40 – 03:06शुभ
अमृत03:06 – 04:31शुभ
चर04:31 – 05:57सामान्य

5 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 05:40, 6 अप्रैल तक
अमावस्या 05:21, 7 अप्रैल तक
नक्षत्र
उत्तरा भाद्रपद 18:23, 6 अप्रैल तक
योग
शुक्ल 09:47 तक
ब्रह्म 08:51, 6 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:37 तक
शकुनि 05:40, 6 अप्रैल तक
चतुष्पद 17:35, 6 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कुंभ 11:32 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
04:44
चंद्रास्त
17:06
दिनमान
12h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:12
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:40

अशुभ समय

राहुकाल
07:32 – 09:06
यमगंड
10:41 – 12:15
गुलिक काल
13:49 – 15:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5807:01दिन
शनि07:0108:04दिन
गुरु08:0409:06दिन
मंगल09:0610:09दिन
सूर्य10:0911:12दिन
शुक्र11:1212:15दिन
बुध12:1513:18दिन
चंद्र13:1814:20दिन
शनि14:2015:23दिन
गुरु15:2316:26दिन
मंगल16:2617:29दिन
सूर्य17:2918:32दिन
शुक्र18:3219:29रात
बुध19:2920:26रात
चंद्र20:2621:23रात
शनि21:2322:20रात
गुरु22:2023:17रात
मंगल23:1700:14रात
सूर्य00:1401:11रात
शुक्र01:1102:08रात
बुध02:0803:06रात
चंद्र03:0604:03रात
शनि04:0305:00रात
गुरु05:0005:57रात

अयनांश 24.2378° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।