21 अक्टूबर 2027 को बरेली का चौघड़िया

गुरुवार, 21 अक्टूबर 2027, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 21 अक्टूबर 2027 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (13:43 तक), नक्षत्र आर्द्रा (21:32 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 17:37 पर है। राहुकाल 13:21 से 14:47 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 17:37
रात 06:16 तक
तिथि
षष्ठी, 13:43 तक
सप्तमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 21:32 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

21 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:16 – 07:41शुभ
रोग07:41 – 09:06टालें
उद्वेग09:06 – 10:31टालें
चर10:31 – 11:56सामान्य
लाभ11:56 – 13:21शुभ
अमृत13:21 – 14:47शुभ
काल14:47 – 16:12टालें
शुभ16:12 – 17:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:37 – 19:12शुभ
चर19:12 – 20:47सामान्य
रोग20:47 – 22:22टालें
काल22:22 – 23:57टालें
लाभ23:57 – 01:32शुभ
उद्वेग01:32 – 03:06टालें
शुभ03:06 – 04:41शुभ
अमृत04:41 – 06:16शुभ

21 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 13:43 तक
कृष्ण सप्तमी 11:56, 22 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 20:25, 22 अक्टू॰ तक
योग
शिव 02:10, 22 अक्टू॰ तक
सिद्ध 23:30, 22 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 13:43 तक
विष्टि (भद्रा) 00:51, 22 अक्टू॰ तक
बव 11:56, 22 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
17:37
चंद्रोदय
22:20
चंद्रास्त
11:51
दिनमान
11h 21m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:19

अशुभ समय

राहुकाल
13:21 – 14:47
यमगंड
06:16 – 07:41
गुलिक काल
09:06 – 10:31

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1607:12दिन
मंगल07:1208:09दिन
सूर्य08:0909:06दिन
शुक्र09:0610:03दिन
बुध10:0311:00दिन
चंद्र11:0011:56दिन
शनि11:5612:53दिन
गुरु12:5313:50दिन
मंगल13:5014:47दिन
सूर्य14:4715:43दिन
शुक्र15:4316:40दिन
बुध16:4017:37दिन
चंद्र17:3718:40रात
शनि18:4019:43रात
गुरु19:4320:47रात
मंगल20:4721:50रात
सूर्य21:5022:53रात
शुक्र22:5323:57रात
बुध23:5701:00रात
चंद्र01:0002:03रात
शनि02:0303:06रात
गुरु03:0604:10रात
मंगल04:1005:13रात
सूर्य05:1306:16रात

अयनांश 24.2454° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।