12 नवंबर 2028 को बरेली का चौघड़िया

रविवार, 12 नवंबर 2028, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 12 नवंबर 2028 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (09:30 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (10:33 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 17:20 पर है। राहुकाल 15:59 से 17:20 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 17:20
रात 06:33 तक
तिथि
दशमी, 09:30 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 नवंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:32 – 07:53टालें
चर07:53 – 09:14सामान्य
लाभ09:14 – 10:35शुभ
अमृत10:35 – 11:56शुभ
काल11:56 – 13:17टालें
शुभ13:17 – 14:38शुभ
रोग14:38 – 15:59टालें
उद्वेग15:59 – 17:20टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:20 – 18:59शुभ
अमृत18:59 – 20:38शुभ
चर20:38 – 22:17सामान्य
रोग22:17 – 23:56टालें
काल23:56 – 01:35टालें
लाभ01:35 – 03:14शुभ
उद्वेग03:14 – 04:53टालें
शुभ04:53 – 06:33शुभ

12 नवंबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण दशमी 09:30 तक
कृष्ण एकादशी 06:42, 13 नव॰ तक
नक्षत्र
योग
वैधृतिअशुभ 21:44 तक
विष्कंभअशुभ 18:08, 13 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 09:30 तक
बव 20:08 तक
बालव 06:42, 13 नव॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 16:04 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
17:20
चंद्रोदय
01:43
चंद्रास्त
14:07
दिनमान
10h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:46 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
15:59 – 17:20
यमगंड
11:56 – 13:17
गुलिक काल
14:38 – 15:59

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:3207:26दिन
शुक्र07:2608:20दिन
बुध08:2009:14दिन
चंद्र09:1410:08दिन
शनि10:0811:02दिन
गुरु11:0211:56दिन
मंगल11:5612:50दिन
सूर्य12:5013:44दिन
शुक्र13:4414:38दिन
बुध14:3815:32दिन
चंद्र15:3216:26दिन
शनि16:2617:20दिन
गुरु17:2018:26रात
मंगल18:2619:32रात
सूर्य19:3220:38रात
शुक्र20:3821:44रात
बुध21:4422:50रात
चंद्र22:5023:56रात
शनि23:5601:02रात
गुरु01:0202:08रात
मंगल02:0803:14रात
सूर्य03:1404:20रात
शुक्र04:2005:26रात
बुध05:2606:33रात

अयनांश 24.2603° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।