11 मार्च 2029 को बरेली का चौघड़िया

रविवार, 11 मार्च 2029, बरेली, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 11 मार्च 2029 को बरेली में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (03:42, 12 मार्च तक), नक्षत्र श्रवण (07:36, 12 मार्च तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:26 पर और सूर्यास्त 18:18 पर है। राहुकाल 16:49 से 18:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:26 – 18:18
रात 06:25 तक
तिथि
द्वादशी, 03:42 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
श्रवण
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:26 – 07:55टालें
चर07:55 – 09:24सामान्य
लाभ09:24 – 10:53शुभ
अमृत10:53 – 12:22शुभ
काल12:22 – 13:51टालें
शुभ13:51 – 15:20शुभ
रोग15:20 – 16:49टालें
उद्वेग16:49 – 18:18टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:18 – 19:49शुभ
अमृत19:49 – 21:20शुभ
चर21:20 – 22:51सामान्य
रोग22:51 – 00:21टालें
काल00:21 – 01:52टालें
लाभ01:52 – 03:23शुभ
उद्वेग03:23 – 04:54टालें
शुभ04:54 – 06:25शुभ

11 मार्च 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 03:42, 12 मार्च तक
कृष्ण त्रयोदशी 05:30, 13 मार्च तक
नक्षत्र
श्रवण 07:36, 12 मार्च तक
योग
परिघअशुभ 17:59 तक
शिव 18:11, 12 मार्च तक
करण
कौलव 14:56 तक
तैतिल 03:42, 12 मार्च तक
गर 16:34, 12 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:26
सूर्यास्त
18:18
चंद्रोदय
03:57
चंद्रास्त
15:03
दिनमान
11h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:37
अभिजीत मुहूर्त
11:58 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
16:49 – 18:18
यमगंड
12:22 – 13:51
गुलिक काल
15:20 – 16:49

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2607:25दिन
शुक्र07:2508:25दिन
बुध08:2509:24दिन
चंद्र09:2410:23दिन
शनि10:2311:23दिन
गुरु11:2312:22दिन
मंगल12:2213:21दिन
सूर्य13:2114:21दिन
शुक्र14:2115:20दिन
बुध15:2016:19दिन
चंद्र16:1917:19दिन
शनि17:1918:18दिन
गुरु18:1819:19रात
मंगल19:1920:19रात
सूर्य20:1921:20रात
शुक्र21:2022:20रात
बुध22:2023:21रात
चंद्र23:2100:21रात
शनि00:2101:22रात
गुरु01:2202:23रात
मंगल02:2303:23रात
सूर्य03:2304:24रात
शुक्र04:2405:24रात
बुध05:2406:25रात

अयनांश 24.2648° (लाहिड़ी)। समय बरेली (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।