13 अप्रैल 2027 को भावनगर का चौघड़िया

मंगलवार, 13 अप्रैल 2027, भावनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 13 अप्रैल 2027 को भावनगर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (17:29 तक), नक्षत्र आर्द्रा (12:13 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 19:00 पर है। राहुकाल 15:51 से 17:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 19:00
रात 06:23 तक
तिथि
सप्तमी, 17:29 तक
अष्टमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 12:13 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:24 – 07:58टालें
उद्वेग07:58 – 09:33टालें
चर09:33 – 11:07सामान्य
लाभ11:07 – 12:42शुभ
अमृत12:42 – 14:16शुभ
काल14:16 – 15:51टालें
शुभ15:51 – 17:25शुभ
रोग17:25 – 19:00टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:00 – 20:25टालें
लाभ20:25 – 21:51शुभ
उद्वेग21:51 – 23:16टालें
शुभ23:16 – 00:41शुभ
अमृत00:41 – 02:07शुभ
चर02:07 – 03:32सामान्य
रोग03:32 – 04:57टालें
काल04:57 – 06:23टालें

13 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 17:29 तक
शुक्ल अष्टमी 15:24, 14 अप्रैल तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 10:52, 14 अप्रैल तक
योग
अतिगंडअशुभ 13:59 तक
सुकर्मा 11:10, 14 अप्रैल तक
करण
गर 06:32 तक
वणिज 17:29 तक
विष्टि (भद्रा) 04:26, 14 अप्रैल तक
बव 15:24, 14 अप्रैल तक
चंद्र राशि
मिथुन 05:12, 14 अप्रैल तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
19:00
चंद्रोदय
11:34
चंद्रास्त
00:36
दिनमान
12h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:38
अभिजीत मुहूर्त
12:16 – 13:07

अशुभ समय

राहुकाल
15:51 – 17:25
यमगंड
09:33 – 11:07
गुलिक काल
12:42 – 14:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2407:27दिन
सूर्य07:2708:30दिन
शुक्र08:3009:33दिन
बुध09:3310:36दिन
चंद्र10:3611:39दिन
शनि11:3912:42दिन
गुरु12:4213:45दिन
मंगल13:4514:48दिन
सूर्य14:4815:51दिन
शुक्र15:5116:54दिन
बुध16:5417:57दिन
चंद्र17:5719:00दिन
शनि19:0019:57रात
गुरु19:5720:54रात
मंगल20:5421:51रात
सूर्य21:5122:47रात
शुक्र22:4723:44रात
बुध23:4400:41रात
चंद्र00:4101:38रात
शनि01:3802:35रात
गुरु02:3503:32रात
मंगल03:3204:29रात
सूर्य04:2905:26रात
शुक्र05:2606:23रात

अयनांश 24.2381° (लाहिड़ी)। समय भावनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।