27 सितंबर 2029 को भावनगर का चौघड़िया

गुरुवार, 27 सितंबर 2029, भावनगर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 27 सितंबर 2029 को भावनगर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (07:20 तक), नक्षत्र कृत्तिका (07:42, 28 सित॰ तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 14:02 से 15:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 18:32
रात 06:31 तक
तिथि
पंचमी
नक्षत्र
कृत्तिका
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:31 – 08:01शुभ
रोग08:01 – 09:31टालें
उद्वेग09:31 – 11:02टालें
चर11:02 – 12:32सामान्य
लाभ12:32 – 14:02शुभ
अमृत14:02 – 15:32शुभ
काल15:32 – 17:02टालें
शुभ17:02 – 18:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:32 – 20:02शुभ
चर20:02 – 21:32सामान्य
रोग21:32 – 23:02टालें
काल23:02 – 00:32टालें
लाभ00:32 – 02:02शुभ
उद्वेग02:02 – 03:32टालें
शुभ03:32 – 05:01शुभ
अमृत05:01 – 06:31शुभ

27 सितंबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 07:20 तक
कृष्ण पंचमी 09:50, 28 सित॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 07:42, 28 सित॰ तक
योग
वज्रअशुभ 05:53, 28 सित॰ तक
सिद्धि 06:40, 29 सित॰ तक
करण
बालव 07:20 तक
कौलव 20:36 तक
तैतिल 09:50, 28 सित॰ तक
चंद्र राशि
मेष 11:27 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
21:22
चंद्रास्त
10:14
दिनमान
12h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:55 – 05:43
अभिजीत मुहूर्त
12:08 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
14:02 – 15:32
यमगंड
06:31 – 08:01
गुलिक काल
09:31 – 11:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3107:31दिन
मंगल07:3108:31दिन
सूर्य08:3109:31दिन
शुक्र09:3110:31दिन
बुध10:3111:32दिन
चंद्र11:3212:32दिन
शनि12:3213:32दिन
गुरु13:3214:32दिन
मंगल14:3215:32दिन
सूर्य15:3216:32दिन
शुक्र16:3217:32दिन
बुध17:3218:32दिन
चंद्र18:3219:32रात
शनि19:3220:32रात
गुरु20:3221:32रात
मंगल21:3222:32रात
सूर्य22:3223:32रात
शुक्र23:3200:32रात
बुध00:3201:32रात
चंद्र01:3202:32रात
शनि02:3203:32रात
गुरु03:3204:31रात
मंगल04:3105:31रात
सूर्य05:3106:31रात

अयनांश 24.2725° (लाहिड़ी)। समय भावनगर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।