13 मार्च 2025 को बीकानेर का चौघड़िया

गुरुवार, 13 मार्च 2025, बीकानेर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 13 मार्च 2025 को बीकानेर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (10:36 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (06:19, 14 मार्च तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 18:44 पर है। राहुकाल 14:15 से 15:45 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 18:44
रात 06:47 तक
तिथि
चतुर्दशी, 10:36 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 06:19 तक
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:48 – 08:18शुभ
रोग08:18 – 09:47टालें
उद्वेग09:47 – 11:16टालें
चर11:16 – 12:46सामान्य
लाभ12:46 – 14:15शुभ
अमृत14:15 – 15:45शुभ
काल15:45 – 17:14टालें
शुभ17:14 – 18:44शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:44 – 20:14शुभ
चर20:14 – 21:44सामान्य
रोग21:44 – 23:15टालें
काल23:15 – 00:45टालें
लाभ00:45 – 02:16शुभ
उद्वेग02:16 – 03:46टालें
शुभ03:46 – 05:17शुभ
अमृत05:17 – 06:47शुभ

13 मार्च 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 10:36 तक
पूर्णिमा 12:24, 14 मार्च तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी 06:19, 14 मार्च तक
उत्तरा फाल्गुनी 08:54, 15 मार्च तक
योग
धृति 13:02 तक
शूलअशुभ 13:23, 14 मार्च तक
करण
वणिज 10:36 तक
विष्टि (भद्रा) 23:27 तक
बव 12:24, 14 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
18:44
चंद्रोदय
18:01
चंद्रास्त
06:17
दिनमान
11h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:11 – 06:00
अभिजीत मुहूर्त
12:22 – 13:10

अशुभ समय

राहुकाल
14:15 – 15:45
यमगंड
06:48 – 08:18
गुलिक काल
09:47 – 11:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:4807:48दिन
मंगल07:4808:47दिन
सूर्य08:4709:47दिन
शुक्र09:4710:47दिन
बुध10:4711:46दिन
चंद्र11:4612:46दिन
शनि12:4613:46दिन
गुरु13:4614:45दिन
मंगल14:4515:45दिन
सूर्य15:4516:44दिन
शुक्र16:4417:44दिन
बुध17:4418:44दिन
चंद्र18:4419:44रात
शनि19:4420:44रात
गुरु20:4421:44रात
मंगल21:4422:45रात
सूर्य22:4523:45रात
शुक्र23:4500:45रात
बुध00:4501:46रात
चंद्र01:4602:46रात
शनि02:4603:46रात
गुरु03:4604:46रात
मंगल04:4605:47रात
सूर्य05:4706:47रात

अयनांश 24.2090° (लाहिड़ी)। समय बीकानेर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।