2 सितंबर 2025 को बोकारो का चौघड़िया

मंगलवार, 2 सितंबर 2025, बोकारो, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 2 सितंबर 2025 को बोकारो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (03:53, 3 सित॰ तक), नक्षत्र मूल (21:51 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:27 पर और सूर्यास्त 18:02 पर है। राहुकाल 14:53 से 16:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:27 – 18:02
रात 05:27 तक
तिथि
दशमी, 03:53 तक
एकादशी
नक्षत्र
मूल, 21:51 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:27 – 07:01टालें
उद्वेग07:01 – 08:36टालें
चर08:36 – 10:10सामान्य
लाभ10:10 – 11:44शुभ
अमृत11:44 – 13:19शुभ
काल13:19 – 14:53टालें
शुभ14:53 – 16:27शुभ
रोग16:27 – 18:02टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:02 – 19:27टालें
लाभ19:27 – 20:53शुभ
उद्वेग20:53 – 22:19टालें
शुभ22:19 – 23:45शुभ
अमृत23:45 – 01:10शुभ
चर01:10 – 02:36सामान्य
रोग02:36 – 04:02टालें
काल04:02 – 05:27टालें

2 सितंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल दशमी 03:53, 3 सित॰ तक
शुक्ल एकादशी 04:22, 4 सित॰ तक
नक्षत्र
मूल 21:51 तक
पूर्वाषाढ़ा 23:08, 3 सित॰ तक
योग
प्रीति 16:39 तक
आयुष्मान 16:17, 3 सित॰ तक
करण
तैतिल 15:23 तक
गर 03:53, 3 सित॰ तक
वणिज 16:13, 3 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:27
सूर्यास्त
18:02
चंद्रोदय
14:10
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 35m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:56 – 04:41
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
14:53 – 16:27
यमगंड
08:36 – 10:10
गुलिक काल
11:44 – 13:19

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:2706:30दिन
सूर्य06:3007:33दिन
शुक्र07:3308:36दिन
बुध08:3609:39दिन
चंद्र09:3910:42दिन
शनि10:4211:44दिन
गुरु11:4412:47दिन
मंगल12:4713:50दिन
सूर्य13:5014:53दिन
शुक्र14:5315:56दिन
बुध15:5616:59दिन
चंद्र16:5918:02दिन
शनि18:0218:59रात
गुरु18:5919:56रात
मंगल19:5620:53रात
सूर्य20:5321:50रात
शुक्र21:5022:47रात
बुध22:4723:45रात
चंद्र23:4500:42रात
शनि00:4201:39रात
गुरु01:3902:36रात
मंगल02:3603:33रात
सूर्य03:3304:30रात
शुक्र04:3005:27रात

अयनांश 24.2156° (लाहिड़ी)। समय बोकारो (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।