4 जनवरी 2002 को चेन्नई का चौघड़िया

शुक्रवार, 4 जनवरी 2002, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 4 जनवरी 2002 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (00:36, 5 जन॰ तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (15:04 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 10:48 से 12:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 17:55
रात 06:32 तक
तिथि
षष्ठी, 00:36 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 15:04 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 जनवरी 2002 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:32 – 07:57सामान्य
लाभ07:57 – 09:23शुभ
अमृत09:23 – 10:48शुभ
काल10:48 – 12:13टालें
शुभ12:13 – 13:39शुभ
रोग13:39 – 15:04टालें
उद्वेग15:04 – 16:29टालें
चर16:29 – 17:55सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:55 – 19:29टालें
काल19:29 – 21:04टालें
लाभ21:04 – 22:39शुभ
उद्वेग22:39 – 00:13टालें
शुभ00:13 – 01:48शुभ
अमृत01:48 – 03:23शुभ
चर03:23 – 04:57सामान्य
रोग04:57 – 06:32टालें

4 जनवरी 2002 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 00:36, 5 जन॰ तक
कृष्ण सप्तमी 22:23, 5 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
सौभाग्य 01:31, 5 जन॰ तक
शोभन 22:30, 5 जन॰ तक
करण
गर 13:49 तक
वणिज 00:36, 5 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 11:27, 5 जन॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 20:38 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
22:57
चंद्रास्त
10:46
दिनमान
11h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2058
शक संवत
1923, वृष संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:51 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:36

अशुभ समय

राहुकाल
10:48 – 12:13
यमगंड
15:04 – 16:29
गुलिक काल
07:57 – 09:23

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:3207:29दिन
बुध07:2908:26दिन
चंद्र08:2609:23दिन
शनि09:2310:19दिन
गुरु10:1911:16दिन
मंगल11:1612:13दिन
सूर्य12:1313:10दिन
शुक्र13:1014:07दिन
बुध14:0715:04दिन
चंद्र15:0416:01दिन
शनि16:0116:58दिन
गुरु16:5817:55दिन
मंगल17:5518:58रात
सूर्य18:5820:01रात
शुक्र20:0121:04रात
बुध21:0422:07रात
चंद्र22:0723:10रात
शनि23:1000:13रात
गुरु00:1301:17रात
मंगल01:1702:20रात
सूर्य02:2003:23रात
शुक्र03:2304:26रात
बुध04:2605:29रात
चंद्र05:2906:32रात

अयनांश 23.8851° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।