3 जनवरी 2011 को चेन्नई का चौघड़िया

सोमवार, 3 जनवरी 2011, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 3 जनवरी 2011 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (14:16 तक), नक्षत्र मूल (02:45, 4 जन॰ तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:31 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 07:57 से 09:22 तक है।

दिन और रात
दिन 06:31 – 17:54
रात 06:32 तक
तिथि
चतुर्दशी, 14:16 तक
अमावस्या
नक्षत्र
मूल, 02:45 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जनवरी 2011 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:31 – 07:57शुभ
काल07:57 – 09:22टालें
शुभ09:22 – 10:47शुभ
रोग10:47 – 12:13टालें
उद्वेग12:13 – 13:38टालें
चर13:38 – 15:03सामान्य
लाभ15:03 – 16:29शुभ
अमृत16:29 – 17:54शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:54 – 19:29सामान्य
रोग19:29 – 21:03टालें
काल21:03 – 22:38टालें
लाभ22:38 – 00:13शुभ
उद्वेग00:13 – 01:48टालें
शुभ01:48 – 03:22शुभ
अमृत03:22 – 04:57शुभ
चर04:57 – 06:32सामान्य

3 जनवरी 2011 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 14:16 तक
अमावस्या 14:32, 4 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 02:45, 4 जन॰ तक
पूर्वाषाढ़ा 03:49, 5 जन॰ तक
योग
वृद्धि 16:47 तक
ध्रुव 15:49, 4 जन॰ तक
करण
शकुनि 14:16 तक
चतुष्पद 02:21, 4 जन॰ तक
नाग 14:32, 4 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:31
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
05:25
चंद्रास्त
17:03
दिनमान
11h 23m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2067
शक संवत
1932, विकृति संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:35

अशुभ समय

राहुकाल
07:57 – 09:22
यमगंड
10:47 – 12:13
गुलिक काल
13:38 – 15:03

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:3107:28दिन
शनि07:2808:25दिन
गुरु08:2509:22दिन
मंगल09:2210:19दिन
सूर्य10:1911:16दिन
शुक्र11:1612:13दिन
बुध12:1313:10दिन
चंद्र13:1014:06दिन
शनि14:0615:03दिन
गुरु15:0316:00दिन
मंगल16:0016:57दिन
सूर्य16:5717:54दिन
शुक्र17:5418:57रात
बुध18:5720:00रात
चंद्र20:0021:03रात
शनि21:0322:07रात
गुरु22:0723:10रात
मंगल23:1000:13रात
सूर्य00:1301:16रात
शुक्र01:1602:19रात
बुध02:1903:22रात
चंद्र03:2204:25रात
शनि04:2505:29रात
गुरु05:2906:32रात

अयनांश 24.0108° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।