31 दिसंबर 2015 को चेन्नई का चौघड़िया

गुरुवार, 31 दिसंबर 2015, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 31 दिसंबर 2015 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (19:05 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (17:30 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 13:36 से 15:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 17:52
रात 06:30 तक
तिथि
षष्ठी, 19:05 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 17:30 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 दिसंबर 2015 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:30 – 07:55शुभ
रोग07:55 – 09:21टालें
उद्वेग09:21 – 10:46टालें
चर10:46 – 12:11सामान्य
लाभ12:11 – 13:36शुभ
अमृत13:36 – 15:02शुभ
काल15:02 – 16:27टालें
शुभ16:27 – 17:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:52 – 19:27शुभ
चर19:27 – 21:02सामान्य
रोग21:02 – 22:37टालें
काल22:37 – 00:11टालें
लाभ00:11 – 01:46शुभ
उद्वेग01:46 – 03:21टालें
शुभ03:21 – 04:56शुभ
अमृत04:56 – 06:30शुभ

31 दिसंबर 2015 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 19:05 तक
कृष्ण सप्तमी 21:38, 1 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
आयुष्मान 13:41 तक
सौभाग्य 14:28, 1 जन॰ तक
करण
वणिज 19:05 तक
विष्टि (भद्रा) 08:20, 1 जन॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 00:12, 1 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
23:03
चंद्रास्त
10:47
दिनमान
11h 22m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2072
शक संवत
1937, मन्मथ संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
13:36 – 15:02
यमगंड
06:30 – 07:55
गुलिक काल
09:21 – 10:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3007:27दिन
मंगल07:2708:24दिन
सूर्य08:2409:21दिन
शुक्र09:2110:17दिन
बुध10:1711:14दिन
चंद्र11:1412:11दिन
शनि12:1113:08दिन
गुरु13:0814:05दिन
मंगल14:0515:02दिन
सूर्य15:0215:59दिन
शुक्र15:5916:55दिन
बुध16:5517:52दिन
चंद्र17:5218:55रात
शनि18:5519:59रात
गुरु19:5921:02रात
मंगल21:0222:05रात
सूर्य22:0523:08रात
शुक्र23:0800:11रात
बुध00:1101:15रात
चंद्र01:1502:18रात
शनि02:1803:21रात
गुरु03:2104:24रात
मंगल04:2405:27रात
सूर्य05:2706:30रात

अयनांश 24.0805° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।