17 फ़रवरी 2027 को चेन्नई का चौघड़िया

बुधवार, 17 फ़रवरी 2027, चेन्नई, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 17 फ़रवरी 2027 को चेन्नई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (17:32 तक), नक्षत्र आर्द्रा (23:29 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:30 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 12:22 से 13:51 तक है।

दिन और रात
दिन 06:30 – 18:15
रात 06:30 तक
तिथि
एकादशी, 17:32 तक
द्वादशी
नक्षत्र
आर्द्रा, 23:29 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 फ़रवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:30 – 07:58शुभ
अमृत07:58 – 09:26शुभ
काल09:26 – 10:54टालें
शुभ10:54 – 12:22शुभ
रोग12:22 – 13:51टालें
उद्वेग13:51 – 15:19टालें
चर15:19 – 16:47सामान्य
लाभ16:47 – 18:15शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:15 – 19:47टालें
शुभ19:47 – 21:18शुभ
अमृत21:18 – 22:50शुभ
चर22:50 – 00:22सामान्य
रोग00:22 – 01:54टालें
काल01:54 – 03:26टालें
लाभ03:26 – 04:58शुभ
उद्वेग04:58 – 06:30टालें

17 फ़रवरी 2027 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 17:32 तक
शुक्ल द्वादशी 14:28, 18 फ़र॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 21:06, 18 फ़र॰ तक
योग
प्रीति 02:38, 18 फ़र॰ तक
आयुष्मान 22:50, 18 फ़र॰ तक
करण
वणिज 06:58 तक
विष्टि (भद्रा) 17:32 तक
बव 04:01, 18 फ़र॰ तक
बालव 14:28, 18 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:30
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
14:33
चंद्रास्त
02:56
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:41
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:46 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:22 – 13:51
यमगंड
07:58 – 09:26
गुलिक काल
10:54 – 12:22

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3007:29दिन
चंद्र07:2908:28दिन
शनि08:2809:26दिन
गुरु09:2610:25दिन
मंगल10:2511:24दिन
सूर्य11:2412:22दिन
शुक्र12:2213:21दिन
बुध13:2114:20दिन
चंद्र14:2015:19दिन
शनि15:1916:17दिन
गुरु16:1717:16दिन
मंगल17:1618:15दिन
सूर्य18:1519:16रात
शुक्र19:1620:17रात
बुध20:1721:18रात
चंद्र21:1822:20रात
शनि22:2023:21रात
गुरु23:2100:22रात
मंगल00:2201:24रात
सूर्य01:2402:25रात
शुक्र02:2503:26रात
बुध03:2604:27रात
चंद्र04:2705:29रात
शनि05:2906:30रात

अयनांश 24.2360° (लाहिड़ी)। समय चेन्नई (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।