27 अक्टूबर 2025 को कोयंबटूर का चौघड़िया

सोमवार, 27 अक्टूबर 2025, कोयंबटूर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 27 अक्टूबर 2025 को कोयंबटूर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (08:00, 28 अक्टू॰ तक), नक्षत्र मूल (13:27 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:12 पर और सूर्यास्त 17:59 पर है। राहुकाल 07:41 से 09:09 तक है।

दिन और रात
दिन 06:12 – 17:59
रात 06:12 तक
तिथि
षष्ठी
नक्षत्र
मूल, 13:27 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:12 – 07:41शुभ
काल07:41 – 09:09टालें
शुभ09:09 – 10:37शुभ
रोग10:37 – 12:05टालें
उद्वेग12:05 – 13:34टालें
चर13:34 – 15:02सामान्य
लाभ15:02 – 16:30शुभ
अमृत16:30 – 17:59शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:59 – 19:30सामान्य
रोग19:30 – 21:02टालें
काल21:02 – 22:34टालें
लाभ22:34 – 00:06शुभ
उद्वेग00:06 – 01:37टालें
शुभ01:37 – 03:09शुभ
अमृत03:09 – 04:41शुभ
चर04:41 – 06:12सामान्य

27 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 08:00, 28 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 13:27 तक
पूर्वाषाढ़ा 15:45, 28 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 07:26 तक
सुकर्मा 07:50, 28 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 19:06 तक
तैतिल 08:00, 28 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:12
सूर्यास्त
17:59
चंद्रोदय
10:51
चंद्रास्त
22:27
दिनमान
11h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:23
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:29

अशुभ समय

राहुकाल
07:41 – 09:09
यमगंड
10:37 – 12:05
गुलिक काल
13:34 – 15:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1207:11दिन
शनि07:1108:10दिन
गुरु08:1009:09दिन
मंगल09:0910:08दिन
सूर्य10:0811:07दिन
शुक्र11:0712:05दिन
बुध12:0513:04दिन
चंद्र13:0414:03दिन
शनि14:0315:02दिन
गुरु15:0216:01दिन
मंगल16:0117:00दिन
सूर्य17:0017:59दिन
शुक्र17:5919:00रात
बुध19:0020:01रात
चंद्र20:0121:02रात
शनि21:0222:03रात
गुरु22:0323:04रात
मंगल23:0400:06रात
सूर्य00:0601:07रात
शुक्र01:0702:08रात
बुध02:0803:09रात
चंद्र03:0904:10रात
शनि04:1005:11रात
गुरु05:1106:12रात

अयनांश 24.2177° (लाहिड़ी)। समय कोयंबटूर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।