4 नवंबर 2026 को देवघर का चौघड़िया

बुधवार, 4 नवंबर 2026, देवघर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 4 नवंबर 2026 को देवघर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (11:03 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (03:30, 5 नव॰ तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 17:01 पर है। राहुकाल 11:26 से 12:50 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 17:01
रात 05:52 तक
तिथि
दशमी, 11:03 तक
एकादशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 03:30 तक
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:51 – 07:15शुभ
अमृत07:15 – 08:39शुभ
काल08:39 – 10:02टालें
शुभ10:02 – 11:26शुभ
रोग11:26 – 12:50टालें
उद्वेग12:50 – 14:14टालें
चर14:14 – 15:37सामान्य
लाभ15:37 – 17:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:01 – 18:37टालें
शुभ18:37 – 20:14शुभ
अमृत20:14 – 21:50शुभ
चर21:50 – 23:26सामान्य
रोग23:26 – 01:03टालें
काल01:03 – 02:39टालें
लाभ02:39 – 04:15शुभ
उद्वेग04:15 – 05:52टालें

4 नवंबर 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण दशमी 11:03 तक
कृष्ण एकादशी 10:36, 5 नव॰ तक
नक्षत्र
योग
ब्रह्म 08:01 तक
इंद्र 06:26, 5 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 11:03 तक
बव 22:47 तक
बालव 10:36, 5 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
17:01
चंद्रोदय
01:06
चंद्रास्त
13:54
दिनमान
11h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 05:00
अभिजीत मुहूर्त
11:04 – 11:48 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:26 – 12:50
यमगंड
07:15 – 08:39
गुलिक काल
10:02 – 11:26

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:5106:47दिन
चंद्र06:4707:43दिन
शनि07:4308:39दिन
गुरु08:3909:34दिन
मंगल09:3410:30दिन
सूर्य10:3011:26दिन
शुक्र11:2612:22दिन
बुध12:2213:18दिन
चंद्र13:1814:14दिन
शनि14:1415:09दिन
गुरु15:0916:05दिन
मंगल16:0517:01दिन
सूर्य17:0118:05रात
शुक्र18:0519:10रात
बुध19:1020:14रात
चंद्र20:1421:18रात
शनि21:1822:22रात
गुरु22:2223:26रात
मंगल23:2600:31रात
सूर्य00:3101:35रात
शुक्र01:3502:39रात
बुध02:3903:43रात
चंद्र03:4304:47रात
शनि04:4705:52रात

अयनांश 24.2320° (लाहिड़ी)। समय देवघर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।