6 मार्च 2028 को देवघर का चौघड़िया

सोमवार, 6 मार्च 2028, देवघर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 6 मार्च 2028 को देवघर में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (23:01 तक), नक्षत्र आर्द्रा (18:55 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 17:48 पर है। राहुकाल 07:29 से 08:57 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 17:48
रात 05:59 तक
तिथि
दशमी, 23:01 तक
एकादशी
नक्षत्र
आर्द्रा, 18:55 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:00 – 07:29शुभ
काल07:29 – 08:57टालें
शुभ08:57 – 10:26शुभ
रोग10:26 – 11:54टालें
उद्वेग11:54 – 13:22टालें
चर13:22 – 14:51सामान्य
लाभ14:51 – 16:19शुभ
अमृत16:19 – 17:48शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:48 – 19:19सामान्य
रोग19:19 – 20:51टालें
काल20:51 – 22:22टालें
लाभ22:22 – 23:54शुभ
उद्वेग23:54 – 01:25टालें
शुभ01:25 – 02:56शुभ
अमृत02:56 – 04:28शुभ
चर04:28 – 05:59सामान्य

6 मार्च 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल दशमी 23:01 तक
शुक्ल एकादशी 20:30, 7 मार्च तक
नक्षत्र
पुनर्वसु 17:14, 7 मार्च तक
योग
आयुष्मान 15:21 तक
सौभाग्य 12:18, 7 मार्च तक
करण
तैतिल 12:03 तक
गर 23:01 तक
वणिज 09:50, 7 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
17:48
चंद्रोदय
12:43
चंद्रास्त
01:55
दिनमान
11h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:23 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:30 – 12:18

अशुभ समय

राहुकाल
07:29 – 08:57
यमगंड
10:26 – 11:54
गुलिक काल
13:22 – 14:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:0006:59दिन
शनि06:5907:58दिन
गुरु07:5808:57दिन
मंगल08:5709:56दिन
सूर्य09:5610:55दिन
शुक्र10:5511:54दिन
बुध11:5412:53दिन
चंद्र12:5313:52दिन
शनि13:5214:51दिन
गुरु14:5115:50दिन
मंगल15:5016:49दिन
सूर्य16:4917:48दिन
शुक्र17:4818:49रात
बुध18:4919:50रात
चंद्र19:5020:51रात
शनि20:5121:52रात
गुरु21:5222:53रात
मंगल22:5323:54रात
सूर्य23:5400:55रात
शुक्र00:5501:56रात
बुध01:5602:56रात
चंद्र02:5603:57रात
शनि03:5704:58रात
गुरु04:5805:59रात

अयनांश 24.2507° (लाहिड़ी)। समय देवघर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।