13 सितंबर 2028 को देवघर का चौघड़िया

बुधवार, 13 सितंबर 2028, देवघर, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 13 सितंबर 2028 को देवघर में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (17:25 तक), नक्षत्र आर्द्रा (02:18, 14 सित॰ तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:28 पर और सूर्यास्त 17:48 पर है। राहुकाल 11:38 से 13:11 तक है।

दिन और रात
दिन 05:28 – 17:48
रात 05:29 तक
तिथि
नवमी, 17:25 तक
दशमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 02:18 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:28 – 07:01शुभ
अमृत07:01 – 08:33शुभ
काल08:33 – 10:06टालें
शुभ10:06 – 11:38शुभ
रोग11:38 – 13:11टालें
उद्वेग13:11 – 14:43टालें
चर14:43 – 16:16सामान्य
लाभ16:16 – 17:48शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:48 – 19:16टालें
शुभ19:16 – 20:43शुभ
अमृत20:43 – 22:11शुभ
चर22:11 – 23:39सामान्य
रोग23:39 – 01:06टालें
काल01:06 – 02:34टालें
लाभ02:34 – 04:01शुभ
उद्वेग04:01 – 05:29टालें

13 सितंबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण नवमी 17:25 तक
कृष्ण दशमी 15:55, 14 सित॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 02:18, 14 सित॰ तक
पुनर्वसु 01:14, 15 सित॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 01:14, 14 सित॰ तक
वरीयान 22:44, 14 सित॰ तक
करण
तैतिल 05:53 तक
गर 17:25 तक
वणिज 04:46, 14 सित॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:55, 14 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:28
सूर्यास्त
17:48
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
13:29
दिनमान
12h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:55 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
11:14 – 12:03 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:38 – 13:11
यमगंड
07:01 – 08:33
गुलिक काल
10:06 – 11:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2806:30दिन
चंद्र06:3007:32दिन
शनि07:3208:33दिन
गुरु08:3309:35दिन
मंगल09:3510:37दिन
सूर्य10:3711:38दिन
शुक्र11:3812:40दिन
बुध12:4013:42दिन
चंद्र13:4214:43दिन
शनि14:4315:45दिन
गुरु15:4516:47दिन
मंगल16:4717:48दिन
सूर्य17:4818:47रात
शुक्र18:4719:45रात
बुध19:4520:43रात
चंद्र20:4321:42रात
शनि21:4222:40रात
गुरु22:4023:39रात
मंगल23:3900:37रात
सूर्य00:3701:35रात
शुक्र01:3502:34रात
बुध02:3403:32रात
चंद्र03:3204:30रात
शनि04:3005:29रात

अयनांश 24.2580° (लाहिड़ी)। समय देवघर (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।