13 मार्च 2025 को दोहा का चौघड़िया

गुरुवार, 13 मार्च 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

गुरुवार, 13 मार्च 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (08:06 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (03:49, 14 मार्च तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:45 पर और सूर्यास्त 17:41 पर है। राहुकाल 13:13 से 14:42 तक है।

दिन और रात
दिन 05:45 – 17:41
रात 05:44 तक
तिथि
पूर्णिमा
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 03:49 तक
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:45 – 07:14शुभ
रोग07:14 – 08:44टालें
उद्वेग08:44 – 10:13टालें
चर10:13 – 11:43सामान्य
लाभ11:43 – 13:13शुभ
अमृत13:13 – 14:42शुभ
काल14:42 – 16:12टालें
शुभ16:12 – 17:41शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:41 – 19:12शुभ
चर19:12 – 20:42सामान्य
रोग20:42 – 22:12टालें
काल22:12 – 23:42टालें
लाभ23:42 – 01:13शुभ
उद्वेग01:13 – 02:43टालें
शुभ02:43 – 04:13शुभ
अमृत04:13 – 05:44शुभ

13 मार्च 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 08:06 तक
पूर्णिमा 09:54, 14 मार्च तक
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी 03:49, 14 मार्च तक
उत्तरा फाल्गुनी 06:24, 15 मार्च तक
योग
धृति 10:32 तक
शूलअशुभ 10:53, 14 मार्च तक
करण
वणिज 08:06 तक
विष्टि (भद्रा) 20:57 तक
बव 09:54, 14 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:45
सूर्यास्त
17:41
चंद्रोदय
17:03
चंद्रास्त
05:14
दिनमान
11h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:56
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:07

अशुभ समय

राहुकाल
13:13 – 14:42
यमगंड
05:45 – 07:14
गुलिक काल
08:44 – 10:13

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4506:44दिन
मंगल06:4407:44दिन
सूर्य07:4408:44दिन
शुक्र08:4409:44दिन
बुध09:4410:43दिन
चंद्र10:4311:43दिन
शनि11:4312:43दिन
गुरु12:4313:42दिन
मंगल13:4214:42दिन
सूर्य14:4215:42दिन
शुक्र15:4216:42दिन
बुध16:4217:41दिन
चंद्र17:4118:42रात
शनि18:4219:42रात
गुरु19:4220:42रात
मंगल20:4221:42रात
सूर्य21:4222:42रात
शुक्र22:4223:42रात
बुध23:4200:43रात
चंद्र00:4301:43रात
शनि01:4302:43रात
गुरु02:4303:43रात
मंगल03:4304:43रात
सूर्य04:4305:44रात

अयनांश 24.2090° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।