4 अप्रैल 2025 को दोहा का चौघड़िया

शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (17:43 तक), नक्षत्र आर्द्रा (02:50, 5 अप्रैल तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 17:51 पर है। राहुकाल 10:03 से 11:36 तक है।

दिन और रात
दिन 05:22 – 17:51
रात 05:21 तक
तिथि
सप्तमी, 17:43 तक
अष्टमी
नक्षत्र
आर्द्रा, 02:50 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:22 – 06:55सामान्य
लाभ06:55 – 08:29शुभ
अमृत08:29 – 10:03शुभ
काल10:03 – 11:36टालें
शुभ11:36 – 13:10शुभ
रोग13:10 – 14:44टालें
उद्वेग14:44 – 16:18टालें
चर16:18 – 17:51सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:51 – 19:17टालें
काल19:17 – 20:44टालें
लाभ20:44 – 22:10शुभ
उद्वेग22:10 – 23:36टालें
शुभ23:36 – 01:02शुभ
अमृत01:02 – 02:28शुभ
चर02:28 – 03:55सामान्य
रोग03:55 – 05:21टालें

4 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 17:43 तक
शुक्ल अष्टमी 16:57, 5 अप्रैल तक
नक्षत्र
आर्द्रा 02:50, 5 अप्रैल तक
पुनर्वसु 03:02, 6 अप्रैल तक
योग
शोभन 19:15 तक
अतिगंडअशुभ 17:33, 5 अप्रैल तक
करण
गर 06:22 तक
वणिज 17:43 तक
विष्टि (भद्रा) 05:14, 5 अप्रैल तक
बव 16:57, 5 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
17:51
चंद्रोदय
10:05
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:36
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 12:01

अशुभ समय

राहुकाल
10:03 – 11:36
यमगंड
14:44 – 16:18
गुलिक काल
06:55 – 08:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2206:24दिन
बुध06:2407:27दिन
चंद्र07:2708:29दिन
शनि08:2909:32दिन
गुरु09:3210:34दिन
मंगल10:3411:36दिन
सूर्य11:3612:39दिन
शुक्र12:3913:41दिन
बुध13:4114:44दिन
चंद्र14:4415:46दिन
शनि15:4616:49दिन
गुरु16:4917:51दिन
मंगल17:5118:49रात
सूर्य18:4919:46रात
शुक्र19:4620:44रात
बुध20:4421:41रात
चंद्र21:4122:39रात
शनि22:3923:36रात
गुरु23:3600:33रात
मंगल00:3301:31रात
सूर्य01:3102:28रात
शुक्र02:2803:26रात
बुध03:2604:23रात
चंद्र04:2305:21रात

अयनांश 24.2099° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।