19 अप्रैल 2025 को दोहा का चौघड़िया

शनिवार, 19 अप्रैल 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शनिवार, 19 अप्रैल 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (15:52 तक), नक्षत्र मूल (07:51 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:07 पर और सूर्यास्त 17:58 पर है। राहुकाल 08:20 से 09:56 तक है।

दिन और रात
दिन 05:07 – 17:58
रात 05:06 तक
तिथि
षष्ठी, 15:52 तक
सप्तमी
नक्षत्र
मूल, 07:51 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:07 – 06:44टालें
शुभ06:44 – 08:20शुभ
रोग08:20 – 09:56टालें
उद्वेग09:56 – 11:33टालें
चर11:33 – 13:09सामान्य
लाभ13:09 – 14:45शुभ
अमृत14:45 – 16:22शुभ
काल16:22 – 17:58टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:58 – 19:22शुभ
उद्वेग19:22 – 20:45टालें
शुभ20:45 – 22:09शुभ
अमृत22:09 – 23:32शुभ
चर23:32 – 00:56सामान्य
रोग00:56 – 02:19टालें
काल02:19 – 03:43टालें
लाभ03:43 – 05:06शुभ

19 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 15:52 तक
कृष्ण सप्तमी 16:31, 20 अप्रैल तक
नक्षत्र
मूल 07:51 तक
पूर्वाषाढ़ा 09:18, 20 अप्रैल तक
योग
शिव 22:22 तक
सिद्ध 21:42, 20 अप्रैल तक
करण
वणिज 15:52 तक
विष्टि (भद्रा) 04:16, 20 अप्रैल तक
बव 16:31, 20 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:07
सूर्यास्त
17:58
चंद्रोदय
23:49
चंद्रास्त
09:21
दिनमान
12h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:38 – 04:23
अभिजीत मुहूर्त
11:07 – 11:58

अशुभ समय

राहुकाल
08:20 – 09:56
यमगंड
13:09 – 14:45
गुलिक काल
05:07 – 06:44

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:0706:11दिन
गुरु06:1107:16दिन
मंगल07:1608:20दिन
सूर्य08:2009:24दिन
शुक्र09:2410:28दिन
बुध10:2811:33दिन
चंद्र11:3312:37दिन
शनि12:3713:41दिन
गुरु13:4114:45दिन
मंगल14:4515:50दिन
सूर्य15:5016:54दिन
शुक्र16:5417:58दिन
बुध17:5818:54रात
चंद्र18:5419:49रात
शनि19:4920:45रात
गुरु20:4521:41रात
मंगल21:4122:36रात
सूर्य22:3623:32रात
शुक्र23:3200:28रात
बुध00:2801:24रात
चंद्र01:2402:19रात
शनि02:1903:15रात
गुरु03:1504:11रात
मंगल04:1105:06रात

अयनांश 24.2104° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।