18 अक्टूबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

शनिवार, 18 अक्टूबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शनिवार, 18 अक्टूबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (09:49 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (13:11 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:33 पर और सूर्यास्त 17:03 पर है। राहुकाल 08:26 से 09:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:33 – 17:03
रात 05:34 तक
तिथि
द्वादशी, 09:49 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 13:11 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:33 – 07:00टालें
शुभ07:00 – 08:26शुभ
रोग08:26 – 09:52टालें
उद्वेग09:52 – 11:18टालें
चर11:18 – 12:45सामान्य
लाभ12:45 – 14:11शुभ
अमृत14:11 – 15:37शुभ
काल15:37 – 17:03टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:03 – 18:37शुभ
उद्वेग18:37 – 20:11टालें
शुभ20:11 – 21:45शुभ
अमृत21:45 – 23:19शुभ
चर23:19 – 00:52सामान्य
रोग00:52 – 02:26टालें
काल02:26 – 04:00टालें
लाभ04:00 – 05:34शुभ

18 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 09:49 तक
कृष्ण त्रयोदशी 11:22, 19 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 15:19, 19 अक्टू॰ तक
योग
ब्रह्म 23:18 तक
इंद्र 23:34, 19 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 09:49 तक
गर 22:33 तक
वणिज 11:22, 19 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 19:41 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:33
सूर्यास्त
17:03
चंद्रोदय
02:43
चंद्रास्त
15:19
दिनमान
11h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
10:55 – 11:41

अशुभ समय

राहुकाल
08:26 – 09:52
यमगंड
12:45 – 14:11
गुलिक काल
05:33 – 07:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:3306:31दिन
गुरु06:3107:28दिन
मंगल07:2808:26दिन
सूर्य08:2609:23दिन
शुक्र09:2310:21दिन
बुध10:2111:18दिन
चंद्र11:1812:16दिन
शनि12:1613:13दिन
गुरु13:1314:11दिन
मंगल14:1115:08दिन
सूर्य15:0816:06दिन
शुक्र16:0617:03दिन
बुध17:0318:06रात
चंद्र18:0619:08रात
शनि19:0820:11रात
गुरु20:1121:14रात
मंगल21:1422:16रात
सूर्य22:1623:19रात
शुक्र23:1900:21रात
बुध00:2101:24रात
चंद्र01:2402:26रात
शनि02:2603:29रात
गुरु03:2904:31रात
मंगल04:3105:34रात

अयनांश 24.2174° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।