27 अक्टूबर 2025 को दोहा का चौघड़िया

सोमवार, 27 अक्टूबर 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

सोमवार, 27 अक्टूबर 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (05:30, 28 अक्टू॰ तक), नक्षत्र मूल (10:57 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 16:56 पर है। राहुकाल 07:03 से 08:28 तक है।

दिन और रात
दिन 05:38 – 16:56
रात 05:39 तक
तिथि
षष्ठी, 05:30 तक
नक्षत्र
मूल, 10:57 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:38 – 07:03शुभ
काल07:03 – 08:28टालें
शुभ08:28 – 09:52शुभ
रोग09:52 – 11:17टालें
उद्वेग11:17 – 12:42टालें
चर12:42 – 14:07सामान्य
लाभ14:07 – 15:31शुभ
अमृत15:31 – 16:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:56 – 18:31सामान्य
रोग18:31 – 20:07टालें
काल20:07 – 21:42टालें
लाभ21:42 – 23:17शुभ
उद्वेग23:17 – 00:53टालें
शुभ00:53 – 02:28शुभ
अमृत02:28 – 04:03शुभ
चर04:03 – 05:39सामान्य

27 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 05:30, 28 अक्टू॰ तक
शुक्ल सप्तमी 06:53, 29 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 10:57 तक
पूर्वाषाढ़ा 13:15, 28 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 05:20, 28 अक्टू॰ तक
धृति 05:21, 29 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 16:36 तक
तैतिल 05:30, 28 अक्टू॰ तक
गर 18:16, 28 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
16:56
चंद्रोदय
10:42
चंद्रास्त
21:08
दिनमान
11h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:57 – 04:47
अभिजीत मुहूर्त
10:54 – 11:40

अशुभ समय

राहुकाल
07:03 – 08:28
यमगंड
09:52 – 11:17
गुलिक काल
12:42 – 14:07

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3806:35दिन
शनि06:3507:31दिन
गुरु07:3108:28दिन
मंगल08:2809:24दिन
सूर्य09:2410:21दिन
शुक्र10:2111:17दिन
बुध11:1712:14दिन
चंद्र12:1413:10दिन
शनि13:1014:07दिन
गुरु14:0715:03दिन
मंगल15:0316:00दिन
सूर्य16:0016:56दिन
शुक्र16:5618:00रात
बुध18:0019:03रात
चंद्र19:0320:07रात
शनि20:0721:10रात
गुरु21:1022:14रात
मंगल22:1423:17रात
सूर्य23:1700:21रात
शुक्र00:2101:25रात
बुध01:2502:28रात
चंद्र02:2803:32रात
शनि03:3204:35रात
गुरु04:3505:39रात

अयनांश 24.2177° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।