30 जनवरी 2026 को दोहा का चौघड़िया

शुक्रवार, 30 जनवरी 2026, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (08:39 तक), नक्षत्र आर्द्रा (00:57, 31 जन॰ तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:17 पर और सूर्यास्त 17:16 पर है। राहुकाल 10:24 से 11:47 तक है।

दिन और रात
दिन 06:17 – 17:16
रात 06:17 तक
तिथि
त्रयोदशी, 05:56 तक
नक्षत्र
आर्द्रा, 00:57 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:17 – 07:40सामान्य
लाभ07:40 – 09:02शुभ
अमृत09:02 – 10:24शुभ
काल10:24 – 11:47टालें
शुभ11:47 – 13:09शुभ
रोग13:09 – 14:31टालें
उद्वेग14:31 – 15:54टालें
चर15:54 – 17:16सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:16 – 18:54टालें
काल18:54 – 20:31टालें
लाभ20:31 – 22:09शुभ
उद्वेग22:09 – 23:47टालें
शुभ23:47 – 01:24शुभ
अमृत01:24 – 03:02शुभ
चर03:02 – 04:39सामान्य
रोग04:39 – 06:17टालें

30 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 08:39 तक
शुक्ल त्रयोदशी 05:56, 31 जन॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 03:23, 1 फ़र॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 00:57, 31 जन॰ तक
पुनर्वसु 23:04, 31 जन॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 14:28 तक
विष्कंभअशुभ 11:03, 31 जन॰ तक
करण
बालव 08:39 तक
कौलव 19:17 तक
तैतिल 05:56, 31 जन॰ तक
गर 16:37, 31 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:17
सूर्यास्त
17:16
चंद्रोदय
14:33
चंद्रास्त
04:01
दिनमान
10h 59m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:25
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:09

अशुभ समय

राहुकाल
10:24 – 11:47
यमगंड
14:31 – 15:54
गुलिक काल
07:40 – 09:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1707:12दिन
बुध07:1208:07दिन
चंद्र08:0709:02दिन
शनि09:0209:57दिन
गुरु09:5710:52दिन
मंगल10:5211:47दिन
सूर्य11:4712:42दिन
शुक्र12:4213:37दिन
बुध13:3714:31दिन
चंद्र14:3115:26दिन
शनि15:2616:21दिन
गुरु16:2117:16दिन
मंगल17:1618:21रात
सूर्य18:2119:26रात
शुक्र19:2620:31रात
बुध20:3121:36रात
चंद्र21:3622:41रात
शनि22:4123:47रात
गुरु23:4700:52रात
मंगल00:5201:57रात
सूर्य01:5703:02रात
शुक्र03:0204:07रात
बुध04:0705:12रात
चंद्र05:1206:17रात

अयनांश 24.2214° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।