17 अक्टूबर 2026 को डरबन का चौघड़िया

शनिवार, 17 अक्टूबर 2026, डरबन, दक्षिण अफ़्रीका। समय Africa/Johannesburg में है।

शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को डरबन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (04:58, 18 अक्टू॰ तक), नक्षत्र मूल (06:17 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:16 पर और सूर्यास्त 18:06 पर है। राहुकाल 08:28 से 10:05 तक है।

दिन और रात
दिन 05:16 – 18:06
रात 05:14 तक
तिथि
सप्तमी, 04:58 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:16 – 06:52टालें
शुभ06:52 – 08:28शुभ
रोग08:28 – 10:05टालें
उद्वेग10:05 – 11:41टालें
चर11:41 – 13:17सामान्य
लाभ13:17 – 14:54शुभ
अमृत14:54 – 16:30शुभ
काल16:30 – 18:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:06 – 19:30शुभ
उद्वेग19:30 – 20:53टालें
शुभ20:53 – 22:17शुभ
अमृत22:17 – 23:40शुभ
चर23:40 – 01:04सामान्य
रोग01:04 – 02:27टालें
काल02:27 – 03:51टालें
लाभ03:51 – 05:14शुभ

17 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 04:58, 18 अक्टू॰ तक
शुक्ल अष्टमी 07:22, 19 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मूल 06:17 तक
पूर्वाषाढ़ा 09:19, 18 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 19:32 तक
सुकर्मा 20:26, 18 अक्टू॰ तक
करण
गर 15:42 तक
वणिज 04:58, 18 अक्टू॰ तक
विष्टि (भद्रा) 18:12, 18 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:16
सूर्यास्त
18:06
चंद्रोदय
09:46
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:46 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 12:07

अशुभ समय

राहुकाल
08:28 – 10:05
यमगंड
13:17 – 14:54
गुलिक काल
05:16 – 06:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:1606:20दिन
गुरु06:2007:24दिन
मंगल07:2408:28दिन
सूर्य08:2809:32दिन
शुक्र09:3210:37दिन
बुध10:3711:41दिन
चंद्र11:4112:45दिन
शनि12:4513:49दिन
गुरु13:4914:54दिन
मंगल14:5415:58दिन
सूर्य15:5817:02दिन
शुक्र17:0218:06दिन
बुध18:0619:02रात
चंद्र19:0219:58रात
शनि19:5820:53रात
गुरु20:5321:49रात
मंगल21:4922:45रात
सूर्य22:4523:40रात
शुक्र23:4000:36रात
बुध00:3601:32रात
चंद्र01:3202:27रात
शनि02:2703:23रात
गुरु03:2304:19रात
मंगल04:1905:14रात

अयनांश 24.2313° (लाहिड़ी)। समय डरबन (Africa/Johannesburg) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।