19 नवंबर 2026 को डरबन का चौघड़िया

गुरुवार, 19 नवंबर 2026, डरबन, दक्षिण अफ़्रीका। समय Africa/Johannesburg में है।

गुरुवार, 19 नवंबर 2026 को डरबन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (03:46, 20 नव॰ तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (03:26, 20 नव॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 04:50 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 13:24 से 15:07 तक है।

दिन और रात
दिन 04:50 – 18:32
रात 04:49 तक
तिथि
दशमी, 03:46 तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 03:26 तक
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ04:50 – 06:33शुभ
रोग06:33 – 08:15टालें
उद्वेग08:15 – 09:58टालें
चर09:58 – 11:41सामान्य
लाभ11:41 – 13:24शुभ
अमृत13:24 – 15:07शुभ
काल15:07 – 16:49टालें
शुभ16:49 – 18:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:32 – 19:49शुभ
चर19:49 – 21:06सामान्य
रोग21:06 – 22:24टालें
काल22:24 – 23:41टालें
लाभ23:41 – 00:58शुभ
उद्वेग00:58 – 02:15टालें
शुभ02:15 – 03:32शुभ
अमृत03:32 – 04:49शुभ

19 नवंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल दशमी 03:46, 20 नव॰ तक
शुक्ल एकादशी 03:01, 21 नव॰ तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद 03:26, 20 नव॰ तक
उत्तरा भाद्रपद 03:20, 21 नव॰ तक
योग
हर्षण 03:10, 20 नव॰ तक
वज्रअशुभ 01:25, 21 नव॰ तक
करण
तैतिल 15:48 तक
गर 03:46, 20 नव॰ तक
वणिज 15:30, 20 नव॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 21:20 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:50
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
13:17
चंद्रास्त
01:11
दिनमान
13h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:27 – 04:09
अभिजीत मुहूर्त
11:14 – 12:08

अशुभ समय

राहुकाल
13:24 – 15:07
यमगंड
04:50 – 06:33
गुलिक काल
08:15 – 09:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु04:5005:58दिन
मंगल05:5807:07दिन
सूर्य07:0708:15दिन
शुक्र08:1509:24दिन
बुध09:2410:32दिन
चंद्र10:3211:41दिन
शनि11:4112:49दिन
गुरु12:4913:58दिन
मंगल13:5815:07दिन
सूर्य15:0716:15दिन
शुक्र16:1517:24दिन
बुध17:2418:32दिन
चंद्र18:3219:24रात
शनि19:2420:15रात
गुरु20:1521:06रात
मंगल21:0621:58रात
सूर्य21:5822:49रात
शुक्र22:4923:41रात
बुध23:4100:32रात
चंद्र00:3201:24रात
शनि01:2402:15रात
गुरु02:1503:06रात
मंगल03:0603:58रात
सूर्य03:5804:49रात

अयनांश 24.2326° (लाहिड़ी)। समय डरबन (Africa/Johannesburg) के स्थानीय हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।