26 अक्टूबर 2027 को डरबन का चौघड़िया

मंगलवार, 26 अक्टूबर 2027, डरबन, दक्षिण अफ़्रीका। समय Africa/Johannesburg में है।

मंगलवार, 26 अक्टूबर 2027 को डरबन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (21:34 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (11:04 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:07 पर और सूर्यास्त 18:13 पर है। राहुकाल 14:56 से 16:34 तक है।

दिन और रात
दिन 05:07 – 18:13
रात 05:06 तक
तिथि
द्वादशी, 21:34 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 11:04 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:07 – 06:45टालें
उद्वेग06:45 – 08:23टालें
चर08:23 – 10:01सामान्य
लाभ10:01 – 11:40शुभ
अमृत11:40 – 13:18शुभ
काल13:18 – 14:56टालें
शुभ14:56 – 16:34शुभ
रोग16:34 – 18:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:13 – 19:34टालें
लाभ19:34 – 20:56शुभ
उद्वेग20:56 – 22:17टालें
शुभ22:17 – 23:39शुभ
अमृत23:39 – 01:01शुभ
चर01:01 – 02:22सामान्य
रोग02:22 – 03:44टालें
काल03:44 – 05:06टालें

26 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 21:34 तक
कृष्ण त्रयोदशी 19:20, 27 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 09:31, 27 अक्टू॰ तक
योग
ब्रह्म 08:14 तक
इंद्र 05:12, 27 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 10:43 तक
तैतिल 21:34 तक
गर 08:26, 27 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 16:40 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:07
सूर्यास्त
18:13
चंद्रोदय
02:49
चंद्रास्त
15:07
दिनमान
13h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:39 – 04:23
अभिजीत मुहूर्त
11:13 – 12:06

अशुभ समय

राहुकाल
14:56 – 16:34
यमगंड
08:23 – 10:01
गुलिक काल
11:40 – 13:18

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:0706:12दिन
सूर्य06:1207:18दिन
शुक्र07:1808:23दिन
बुध08:2309:29दिन
चंद्र09:2910:34दिन
शनि10:3411:40दिन
गुरु11:4012:45दिन
मंगल12:4513:51दिन
सूर्य13:5114:56दिन
शुक्र14:5616:02दिन
बुध16:0217:07दिन
चंद्र17:0718:13दिन
शनि18:1319:07रात
गुरु19:0720:01रात
मंगल20:0120:56रात
सूर्य20:5621:50रात
शुक्र21:5022:45रात
बुध22:4523:39रात
चंद्र23:3900:34रात
शनि00:3401:28रात
गुरु01:2802:22रात
मंगल02:2203:17रात
सूर्य03:1704:11रात
शुक्र04:1105:06रात

अयनांश 24.2456° (लाहिड़ी)। समय डरबन (Africa/Johannesburg) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।