25 जनवरी 2027 को द्वारका का चौघड़िया

सोमवार, 25 जनवरी 2027, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 25 जनवरी 2027 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (08:10 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (01:03, 26 जन॰ तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 07:34 पर और सूर्यास्त 18:37 पर है। राहुकाल 08:57 से 10:20 तक है।

दिन और रात
दिन 07:34 – 18:37
रात 07:34 तक
तिथि
चतुर्थी, 06:00 तक
पंचमी
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 01:03 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:34 – 08:57शुभ
काल08:57 – 10:20टालें
शुभ10:20 – 11:43शुभ
रोग11:43 – 13:06टालें
उद्वेग13:06 – 14:29टालें
चर14:29 – 15:52सामान्य
लाभ15:52 – 17:15शुभ
अमृत17:15 – 18:37शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:37 – 20:15सामान्य
रोग20:15 – 21:52टालें
काल21:52 – 23:29टालें
लाभ23:29 – 01:06शुभ
उद्वेग01:06 – 02:43टालें
शुभ02:43 – 04:20शुभ
अमृत04:20 – 05:57शुभ
चर05:57 – 07:34सामान्य

25 जनवरी 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 08:10 तक
कृष्ण चतुर्थी 06:00, 26 जन॰ तक
कृष्ण पंचमी 04:33, 27 जन॰ तक
नक्षत्र
योग
शोभन 22:54 तक
अतिगंडअशुभ 20:18, 26 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 08:10 तक
बव 19:00 तक
बालव 06:00, 26 जन॰ तक
कौलव 17:11, 26 जन॰ तक
चंद्र राशि
सिंह 06:45, 26 जन॰ तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:34
सूर्यास्त
18:37
चंद्रोदय
21:48
चंद्रास्त
09:34
दिनमान
11h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:51 – 06:43
अभिजीत मुहूर्त
12:44 – 13:28

अशुभ समय

राहुकाल
08:57 – 10:20
यमगंड
11:43 – 13:06
गुलिक काल
14:29 – 15:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:3408:30दिन
शनि08:3009:25दिन
गुरु09:2510:20दिन
मंगल10:2011:15दिन
सूर्य11:1512:11दिन
शुक्र12:1113:06दिन
बुध13:0614:01दिन
चंद्र14:0114:56दिन
शनि14:5615:52दिन
गुरु15:5216:47दिन
मंगल16:4717:42दिन
सूर्य17:4218:37दिन
शुक्र18:3719:42रात
बुध19:4220:47रात
चंद्र20:4721:52रात
शनि21:5222:56रात
गुरु22:5600:01रात
मंगल00:0101:06रात
सूर्य01:0602:11रात
शुक्र02:1103:15रात
बुध03:1504:20रात
चंद्र04:2005:25रात
शनि05:2506:29रात
गुरु06:2907:34रात

अयनांश 24.2351° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।