29 अगस्त 2028 को द्वारका का चौघड़िया

मंगलवार, 29 अगस्त 2028, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 29 अगस्त 2028 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (19:31 तक), नक्षत्र मूल (21:08 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 19:13 पर है। राहुकाल 16:04 से 17:38 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 19:13
रात 06:36 तक
तिथि
दशमी, 19:31 तक
एकादशी
नक्षत्र
मूल, 21:08 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:36 – 08:10टालें
उद्वेग08:10 – 09:45टालें
चर09:45 – 11:20सामान्य
लाभ11:20 – 12:54शुभ
अमृत12:54 – 14:29शुभ
काल14:29 – 16:04टालें
शुभ16:04 – 17:38शुभ
रोग17:38 – 19:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल19:13 – 20:38टालें
लाभ20:38 – 22:04शुभ
उद्वेग22:04 – 23:29टालें
शुभ23:29 – 00:54शुभ
अमृत00:54 – 02:20शुभ
चर02:20 – 03:45सामान्य
रोग03:45 – 05:11टालें
काल05:11 – 06:36टालें

29 अगस्त 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल दशमी 19:31 तक
शुक्ल एकादशी 20:47, 30 अग॰ तक
नक्षत्र
मूल 21:08 तक
पूर्वाषाढ़ा 23:03, 30 अग॰ तक
योग
प्रीति 22:31 तक
आयुष्मान 22:33, 30 अग॰ तक
करण
तैतिल 07:06 तक
गर 19:31 तक
वणिज 08:05, 30 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
19:13
चंद्रोदय
15:26
चंद्रास्त
01:25
दिनमान
12h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
12:29 – 13:20

अशुभ समय

राहुकाल
16:04 – 17:38
यमगंड
09:45 – 11:20
गुलिक काल
12:54 – 14:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:3607:39दिन
सूर्य07:3908:42दिन
शुक्र08:4209:45दिन
बुध09:4510:48दिन
चंद्र10:4811:51दिन
शनि11:5112:54दिन
गुरु12:5413:57दिन
मंगल13:5715:01दिन
सूर्य15:0116:04दिन
शुक्र16:0417:07दिन
बुध17:0718:10दिन
चंद्र18:1019:13दिन
शनि19:1320:10रात
गुरु20:1021:07रात
मंगल21:0722:04रात
सूर्य22:0423:01रात
शुक्र23:0123:58रात
बुध23:5800:54रात
चंद्र00:5401:51रात
शनि01:5102:48रात
गुरु02:4803:45रात
मंगल03:4504:42रात
सूर्य04:4205:39रात
शुक्र05:3906:36रात

अयनांश 24.2574° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।