24 फ़रवरी 2029 को द्वारका का चौघड़िया

शनिवार, 24 फ़रवरी 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 24 फ़रवरी 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (10:04 तक), नक्षत्र आर्द्रा (01:10, 25 फ़र॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 07:19 पर और सूर्यास्त 18:55 पर है। राहुकाल 10:13 से 11:40 तक है।

दिन और रात
दिन 07:19 – 18:55
रात 07:18 तक
तिथि
दशमी, 10:04 तक
एकादशी
नक्षत्र
आर्द्रा, 01:10 तक
पुनर्वसु
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:19 – 08:46टालें
शुभ08:46 – 10:13शुभ
रोग10:13 – 11:40टालें
उद्वेग11:40 – 13:07टालें
चर13:07 – 14:34सामान्य
लाभ14:34 – 16:01शुभ
अमृत16:01 – 17:28शुभ
काल17:28 – 18:55टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:55 – 20:28शुभ
उद्वेग20:28 – 22:01टालें
शुभ22:01 – 23:34शुभ
अमृत23:34 – 01:07शुभ
चर01:07 – 02:39सामान्य
रोग02:39 – 04:12टालें
काल04:12 – 05:45टालें
लाभ05:45 – 07:18शुभ

24 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल दशमी 10:04 तक
शुक्ल एकादशी 09:11, 25 फ़र॰ तक
नक्षत्र
आर्द्रा 01:10, 25 फ़र॰ तक
पुनर्वसु 00:24, 26 फ़र॰ तक
योग
प्रीति 15:56 तक
आयुष्मान 13:54, 25 फ़र॰ तक
करण
गर 10:04 तक
वणिज 21:44 तक
विष्टि (भद्रा) 09:11, 25 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:19
सूर्यास्त
18:55
चंद्रोदय
14:31
चंद्रास्त
03:29
दिनमान
11h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:40 – 06:29
अभिजीत मुहूर्त
12:44 – 13:30

अशुभ समय

राहुकाल
10:13 – 11:40
यमगंड
14:34 – 16:01
गुलिक काल
07:19 – 08:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1908:17दिन
गुरु08:1709:15दिन
मंगल09:1510:13दिन
सूर्य10:1311:11दिन
शुक्र11:1112:09दिन
बुध12:0913:07दिन
चंद्र13:0714:05दिन
शनि14:0515:03दिन
गुरु15:0316:01दिन
मंगल16:0116:59दिन
सूर्य16:5917:57दिन
शुक्र17:5718:55दिन
बुध18:5519:57रात
चंद्र19:5720:59रात
शनि20:5922:01रात
गुरु22:0123:03रात
मंगल23:0300:05रात
सूर्य00:0501:07रात
शुक्र01:0702:08रात
बुध02:0803:10रात
चंद्र03:1004:12रात
शनि04:1205:14रात
गुरु05:1406:16रात
मंगल06:1607:18रात

अयनांश 24.2643° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।