1 मार्च 2029 को द्वारका का चौघड़िया

गुरुवार, 1 मार्च 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 1 मार्च 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (19:01 तक), नक्षत्र पूर्वा फाल्गुनी (15:21 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 18:57 पर है। राहुकाल 14:34 से 16:02 तक है।

दिन और रात
दिन 07:15 – 18:57
रात 07:14 तक
तिथि
प्रतिपदा, 19:01 तक
द्वितीया
नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी, 15:21 तक
उत्तरा फाल्गुनी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:15 – 08:43शुभ
रोग08:43 – 10:10टालें
उद्वेग10:10 – 11:38टालें
चर11:38 – 13:06सामान्य
लाभ13:06 – 14:34शुभ
अमृत14:34 – 16:02शुभ
काल16:02 – 17:30टालें
शुभ17:30 – 18:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:57 – 20:29शुभ
चर20:29 – 22:02सामान्य
रोग22:02 – 23:34टालें
काल23:34 – 01:06टालें
लाभ01:06 – 02:38शुभ
उद्वेग02:38 – 04:10टालें
शुभ04:10 – 05:42शुभ
अमृत05:42 – 07:14शुभ

1 मार्च 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 19:01 तक
कृष्ण द्वितीया 15:18, 2 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 12:25, 2 मार्च तक
योग
धृति 20:03 तक
शूलअशुभ 15:49, 2 मार्च तक
करण
बालव 08:51 तक
कौलव 19:01 तक
तैतिल 05:09, 2 मार्च तक
गर 15:18, 2 मार्च तक
चंद्र राशि
सिंह 20:37 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:15
सूर्यास्त
18:57
चंद्रोदय
19:48
चंद्रास्त
07:19
दिनमान
11h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:36 – 06:26
अभिजीत मुहूर्त
12:43 – 13:29

अशुभ समय

राहुकाल
14:34 – 16:02
यमगंड
07:15 – 08:43
गुलिक काल
10:10 – 11:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:1508:13दिन
मंगल08:1309:12दिन
सूर्य09:1210:10दिन
शुक्र10:1011:09दिन
बुध11:0912:08दिन
चंद्र12:0813:06दिन
शनि13:0614:05दिन
गुरु14:0515:03दिन
मंगल15:0316:02दिन
सूर्य16:0217:00दिन
शुक्र17:0017:59दिन
बुध17:5918:57दिन
चंद्र18:5719:59रात
शनि19:5921:00रात
गुरु21:0022:02रात
मंगल22:0223:03रात
सूर्य23:0300:04रात
शुक्र00:0401:06रात
बुध01:0602:07रात
चंद्र02:0703:08रात
शनि03:0804:10रात
गुरु04:1005:11रात
मंगल05:1106:13रात
सूर्य06:1307:14रात

अयनांश 24.2644° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।