22 अक्टूबर 2029 को द्वारका का चौघड़िया

सोमवार, 22 अक्टूबर 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 22 अक्टूबर 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (14:57 तक), नक्षत्र अश्विनी (07:51, 23 अक्टू॰ तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 06:53 पर और सूर्यास्त 18:23 पर है। राहुकाल 08:19 से 09:45 तक है।

दिन और रात
दिन 06:53 – 18:23
रात 06:53 तक
तिथि
पूर्णिमा, 14:57 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:53 – 08:19शुभ
काल08:19 – 09:45टालें
शुभ09:45 – 11:12शुभ
रोग11:12 – 12:38टालें
उद्वेग12:38 – 14:04टालें
चर14:04 – 15:30सामान्य
लाभ15:30 – 16:57शुभ
अमृत16:57 – 18:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:23 – 19:57सामान्य
रोग19:57 – 21:31टालें
काल21:31 – 23:04टालें
लाभ23:04 – 00:38शुभ
उद्वेग00:38 – 02:12टालें
शुभ02:12 – 03:46शुभ
अमृत03:46 – 05:20शुभ
चर05:20 – 06:53सामान्य

22 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
पूर्णिमा 14:57 तक
कृष्ण प्रतिपदा 17:30, 23 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
अश्विनी 07:51, 23 अक्टू॰ तक
योग
हर्षण 08:46 तक
वज्रअशुभ 09:40, 23 अक्टू॰ तक
करण
बव 14:57 तक
बालव 04:13, 23 अक्टू॰ तक
कौलव 17:30, 23 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:53
सूर्यास्त
18:23
चंद्रोदय
18:11
चंद्रास्त
06:40
दिनमान
11h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:13 – 06:03
अभिजीत मुहूर्त
12:15 – 13:01

अशुभ समय

राहुकाल
08:19 – 09:45
यमगंड
11:12 – 12:38
गुलिक काल
14:04 – 15:30

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:5307:50दिन
शनि07:5008:48दिन
गुरु08:4809:45दिन
मंगल09:4510:43दिन
सूर्य10:4311:40दिन
शुक्र11:4012:38दिन
बुध12:3813:35दिन
चंद्र13:3514:33दिन
शनि14:3315:30दिन
गुरु15:3016:28दिन
मंगल16:2817:26दिन
सूर्य17:2618:23दिन
शुक्र18:2319:26रात
बुध19:2620:28रात
चंद्र20:2821:31रात
शनि21:3122:33रात
गुरु22:3323:36रात
मंगल23:3600:38रात
सूर्य00:3801:41रात
शुक्र01:4102:43रात
बुध02:4303:46रात
चंद्र03:4604:48रात
शनि04:4805:51रात
गुरु05:5106:53रात

अयनांश 24.2734° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।