9 नवंबर 2029 को द्वारका का चौघड़िया

शुक्रवार, 9 नवंबर 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 9 नवंबर 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (21:03 तक), नक्षत्र मूल (00:35, 10 नव॰ तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 07:02 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 11:14 से 12:37 तक है।

दिन और रात
दिन 07:02 – 18:12
रात 07:03 तक
तिथि
चतुर्थी, 21:03 तक
पंचमी
नक्षत्र
मूल, 00:35 तक
पूर्वाषाढ़ा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:02 – 08:26सामान्य
लाभ08:26 – 09:50शुभ
अमृत09:50 – 11:14शुभ
काल11:14 – 12:37टालें
शुभ12:37 – 14:01शुभ
रोग14:01 – 15:25टालें
उद्वेग15:25 – 16:49टालें
चर16:49 – 18:12सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:12 – 19:49टालें
काल19:49 – 21:25टालें
लाभ21:25 – 23:01शुभ
उद्वेग23:01 – 00:38टालें
शुभ00:38 – 02:14शुभ
अमृत02:14 – 03:50शुभ
चर03:50 – 05:26सामान्य
रोग05:26 – 07:03टालें

9 नवंबर 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 21:03 तक
शुक्ल पंचमी 19:14, 10 नव॰ तक
नक्षत्र
मूल 00:35, 10 नव॰ तक
पूर्वाषाढ़ा 23:36, 10 नव॰ तक
योग
सुकर्मा 19:14 तक
धृति 16:31, 10 नव॰ तक
करण
वणिज 10:13 तक
विष्टि (भद्रा) 21:03 तक
बव 08:03, 10 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:02
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
10:16
चंद्रास्त
21:22
दिनमान
11h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:20 – 06:11
अभिजीत मुहूर्त
12:15 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
11:14 – 12:37
यमगंड
15:25 – 16:49
गुलिक काल
08:26 – 09:50

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:0207:58दिन
बुध07:5808:54दिन
चंद्र08:5409:50दिन
शनि09:5010:46दिन
गुरु10:4611:41दिन
मंगल11:4112:37दिन
सूर्य12:3713:33दिन
शुक्र13:3314:29दिन
बुध14:2915:25दिन
चंद्र15:2516:21दिन
शनि16:2117:17दिन
गुरु17:1718:12दिन
मंगल18:1219:17रात
सूर्य19:1720:21रात
शुक्र20:2121:25रात
बुध21:2522:29रात
चंद्र22:2923:33रात
शनि23:3300:38रात
गुरु00:3801:42रात
मंगल01:4202:46रात
सूर्य02:4603:50रात
शुक्र03:5004:54रात
बुध04:5405:59रात
चंद्र05:5907:03रात

अयनांश 24.2741° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।