15 नवंबर 2029 को द्वारका का चौघड़िया

गुरुवार, 15 नवंबर 2029, द्वारका, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 15 नवंबर 2029 को द्वारका में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (21:19 तक), नक्षत्र पूर्वा भाद्रपद (05:21, 16 नव॰ तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 07:06 पर और सूर्यास्त 18:10 पर है। राहुकाल 14:01 से 15:24 तक है।

दिन और रात
दिन 07:06 – 18:10
रात 07:06 तक
तिथि
दशमी, 21:19 तक
एकादशी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद, 05:21 तक
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:06 – 08:29शुभ
रोग08:29 – 09:52टालें
उद्वेग09:52 – 11:15टालें
चर11:15 – 12:38सामान्य
लाभ12:38 – 14:01शुभ
अमृत14:01 – 15:24शुभ
काल15:24 – 16:47टालें
शुभ16:47 – 18:10शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:10 – 19:47शुभ
चर19:47 – 21:24सामान्य
रोग21:24 – 23:01टालें
काल23:01 – 00:38टालें
लाभ00:38 – 02:15शुभ
उद्वेग02:15 – 03:52टालें
शुभ03:52 – 05:29शुभ
अमृत05:29 – 07:06शुभ

15 नवंबर 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल दशमी 21:19 तक
शुक्ल एकादशी 23:28, 16 नव॰ तक
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद 05:21, 16 नव॰ तक
उत्तरा भाद्रपद 08:04, 17 नव॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 11:44 तक
हर्षण 12:11, 16 नव॰ तक
करण
तैतिल 08:24 तक
गर 21:19 तक
वणिज 10:21, 16 नव॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 22:44 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:06
सूर्यास्त
18:10
चंद्रोदय
14:29
चंद्रास्त
02:06
दिनमान
11h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:22 – 06:14
अभिजीत मुहूर्त
12:16 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
14:01 – 15:24
यमगंड
07:06 – 08:29
गुलिक काल
09:52 – 11:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:0608:01दिन
मंगल08:0108:57दिन
सूर्य08:5709:52दिन
शुक्र09:5210:47दिन
बुध10:4711:43दिन
चंद्र11:4312:38दिन
शनि12:3813:34दिन
गुरु13:3414:29दिन
मंगल14:2915:24दिन
सूर्य15:2416:20दिन
शुक्र16:2017:15दिन
बुध17:1518:10दिन
चंद्र18:1019:15रात
शनि19:1520:20रात
गुरु20:2021:24रात
मंगल21:2422:29रात
सूर्य22:2923:34रात
शुक्र23:3400:38रात
बुध00:3801:43रात
चंद्र01:4302:48रात
शनि02:4803:52रात
गुरु03:5204:57रात
मंगल04:5706:02रात
सूर्य06:0207:06रात

अयनांश 24.2744° (लाहिड़ी)। समय द्वारका (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।